जहरीले पानी कांड पर तकरार: गुरु-चेले हुए आमने-सामने; विधायक बोले- गाली तो सुनना पड़ेगी प्यारे
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर हुई बहस के दौरान पूर्व गुरु-चेले माने जाने वाले कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मंत्री ने दी घटना की जानकारी
शुक्रवार को स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक वे अवकाश पर दिल्ली और मथुरा जा रहे थे, लेकिन घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली एयरपोर्ट से लौटकर सीधे इंदौर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि 200-250 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तीन दिन तक वे सोए नहीं और अस्पतालों में व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने इसे इंदौर के लिए “कलंक” और “आत्मग्लानि” वाली घटना बताया। साथ ही कहा कि इंदौर नंबर वन है और रहेगा।
शेखावत ने टोका, बढ़ी बहस
इस पर शेखावत ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री इंदौर की ऐसी तारीफ कर रहे हैं मानो वह सोने का शहर हो। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर 20 मौत कैसे हो गई और आप तो वहीं हो सालों से। जब इतनी मौतें हुईं तो जिम्मेदारी किसकी है।
विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि “मैं वहीं का हूं और आप भी वहीं के हैं। आप मेरे साथ डिप्टी मेयर थे, जब मैं स्थायी समिति का अध्यक्ष था।”
इस पर शेखावत ने कहा, “तारीफ के लिए क्या सदन बुलाया है?”
मंत्री ने पलटकर कहा, “फिर क्या गाली देने के लिए बुलाया है?”
शेखावत ने जवाब दिया, “गाली तो सुनना पड़ेगी प्यारे, जनता की।”
रिश्तों में खटास की पृष्ठभूमि
दोनों नेताओं के संबंध कभी बेहद करीबी माने जाते थे। लेकिन बाद में शेखावत ने आरोप लगाए कि विजयवर्गीय के कारण उन्हें इंदौर से बाहर धार जिले में टिकट दिया गया। इसके बाद आरोप लगाए कि उनके कारण वह विधानसभा चुनाव हारे।
बाद में टिकट वितरण को लेकर मतभेद सामने आए और शेखावत ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। 2023 में वे बदनावर से कांग्रेस विधायक बने।
अध्यक्ष ने माहौल किया हल्का
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने चर्चा के दौरान माहौल हल्का करते हुए होली और इंदौर के “मूर्ख सम्मेलन” का जिक्र किया। इस पर दोनों नेताओं ने भी हंसी-मजाक में जवाब दिया, जिससे सदन में कुछ देर के लिए वातावरण सहज हो गया।
दूसरे को मौका नहीं मिलता
शेखावत ने कहा- आज कैलाश जी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। माहौल भी कुछ अलग दिखाई दे रहा है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कहा- किसी की बर्बादी के आसार नहीं हैं। होली आ रही है सभी को खुश रहना चाहिए।
रिश्तों में मिठास बनी रहना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- इंदौर में होली पर मूर्ख सम्मेलन होता है।
उसमें भंवर सिंह शेखावत की क्या भूमिका रहती है? इस पर शेखावत ने भी हंसते हुए कहा- वहां बजरबट्टू सम्मेलन होता है, जिसमें विजयवर्गीय हर बार अलग-अलग रूप में आते हैं। दूसरे को मौका नहीं मिलता।
भागीरथपुरा कांड पर सरकार का जवाब
मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि 22 मृतकों के परिजनों को 44 लाख रुपए की राहत राशि दी जा चुकी है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। सरकार के अनुसार मौत का कारण “एक्यूट डायरिया डिजीज” बताया गया है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुशील गुप्ता की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया है, जो मौत के कारण, जिम्मेदारी और मुआवजा जैसे बिंदुओं की जांच कर रहा है।
भागीरथपुरा मामले को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है और बजट सत्र में कई विधायकों ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए।
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