किन्नर अखाड़े में बढ़ा विवाद: महामंडलेश्वर पद से हटाई गईं मां काली नंद गिरी; इस वजह से लिया फैसला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा में महामंडलेश्वर पद को लेकर विवाद गहरा गया है। तेलंगाना की मां काली नंद गिरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी गुरु और अखाड़े की प्रमुख मां सतीनंद गिरी से रिश्ता खत्म करने का ऐलान किया है।
पद और सदस्यता से हटाने की घोषणा
इसके बाद अखाड़े की ओर से भी कार्रवाई करते हुए उन्हें महामंडलेश्वर पद और सदस्यता से हटाने की घोषणा कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक मार्च 2026 में उज्जैन में इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक आयोजित हुई थी।
मां काली नंद गिरी का नाम भी शामिल था
इस बैठक में देशभर से अखाड़े के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए थे। बैठक के दौरान कई धार्मिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई थी, साथ ही कुछ लोगों को महामंडलेश्वर की उपाधि भी दी गई थी। इनमें मां काली नंद गिरी का नाम भी शामिल था।
रिश्ता तोड़ दिया
बताया जा रहा है कि मां काली नंद गिरी करीब दो महीने तक अखाड़े में महामंडलेश्वर रहीं। हाल ही में वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका मां सतीनंद गिरी से अब कोई संबंध नहीं है। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि “वे मेरी गुरु नहीं हैं, उनके गुरु अलग हैं और मेरे गुरु अलग हैं। हमने उनसे रिश्ता तोड़ दिया है।”
महामंडलेश्वर पद से बर्खास्त कर दिया
इस बयान के बाद अखाड़े के भीतर विवाद और गहरा गया। जवाब में मां सतीनंद गिरी ने भी वीडियो जारी कर कहा कि मां काली नंद गिरी ने गुरु-शिष्य परंपरा और अखाड़े के नियमों का पालन नहीं किया। इसी कारण उन्हें अखाड़े और महामंडलेश्वर पद से बर्खास्त कर दिया गया है।
उन्होंने साफ कहा कि अब मां काली नंद गिरी न उनकी शिष्या हैं, न अखाड़े की सदस्य और न ही महामंडलेश्वर। इस पूरे घटनाक्रम के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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