सरकारी जमीन पर विकास कार्य को लेकर उठा विवाद: मंत्री-विधायक ने किया भूमिपूजन; अवैध कॉलोनी और देवस्थान भूमि हड़पने के आरोप फिर हुए तेज
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सच्चिदानंद नगर में 51 लाख से अधिक लागत की ड्रेनेज लाइन के भूमिपूजन के बाद विवाद गहरा गया है। क्षेत्र की भूमि को लेकर वर्षों से चल रही शिकायतों के बावजूद नगर निगम द्वारा विकास कार्य शुरू किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस भूमि पर कॉलोनी विकसित की गई, वह शासकीय एवं देवस्थान की इनामी भूमि है, जबकि प्रशासन और निगम के अधिकारी लगातार मामले को दबाने में लगे हुए हैं।
विधानसभा क्षेत्र-4 के वार्ड-72 स्थित सच्चिदानंद नगर में नई ड्रेनेज लाइन बिछाने के कार्य का भूमिपूजन विधायक मालिनी गौड़, मंत्री तुलसी सिलावट और पार्षद योगेश गेंदर की मौजूदगी में किया गया।
नगर निगम के अनुसार करीब 51.63 लाख की लागत से बनने वाली इस ड्रेनेज लाइन से क्षेत्रवासियों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलेगी।
हालांकि शिकायतकर्ता मुन्ना चौधरी ने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर विकास कार्य करवाए जा रहे हैं, वह शासकीय एवं विवादित भूमि है। आरोप है कि वर्षों से कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और एसडीएम राऊ को शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भूमि पर कॉलोनी बसाने का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित खसरा शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है और कलेक्टर व्यवस्थापक श्रेणी में आता है। इसके बावजूद कॉलोनाइजरों द्वारा अवैध रूप से प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित कर दी गई।
आरोप यह भी है कि नगर निगम के कॉलोनी सेल, सहकारिता विभाग और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से भूमाफियाओं को संरक्षण मिला। प्रशासनिक उदासीनता के कारण भूमाफिया खुलेआम सक्रिय हैं और विवादित भूमि पर लगातार निर्माण कार्य जारी हैं।
1948-49 के दस्तावेजों में मंदिर भूमि होने का दावा
मामले में वर्ष 1948-49 के नकल खसरा दस्तावेज सामने आने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि यह रिकॉर्ड होलकर रियासतकाल का है, जिसमें संबंधित भूमि श्री महादेव मंदिर चंद्रहास्य देवस्थल के नाम दर्ज थी।
दस्तावेजों के अनुसार यह भूमि पूजा-पाठ, धार्मिक गतिविधियों, तालाब और घुड़दौड़ जैसी गतिविधियों के लिए उपयोग में लाई जाती थी। आरोप है कि समय के साथ राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर देवस्थान की भूमि को निजी नामों पर दर्ज कर दिया गया।
हाई कोर्ट जाने की चेतावनी
हाई कोर्ट अधिवक्ता अनिल कुशवाहा के माध्यम से भेजे गए सूचना-पत्र में मुख्य सचिव, संभागायुक्त, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से विवादित भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की गई है।
साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने और नामांतरण कराने वालों व अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग भी उठी है। सूचना-पत्र में चेतावनी दी गई कि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
35 एकड़ देवस्थान भूमि का दायरा सिमटा
शिकायतकर्ता के अनुसार मिसल बंदोबस्त रिकॉर्ड में मंदिर के नाम लगभग 35 एकड़ भूमि दर्ज थी, लेकिन वर्तमान में देवस्थान का अस्तित्व मात्र छोटे हिस्से तक सीमित रह गया है। आरोप है कि खसरा नंबर 1458 से 1468 तक की भूमि पर अवैध कॉलोनियां और व्यावसायिक निर्माण कर दिए गए।
इनमें सच्चिदानंद कॉलोनी, रेवेन्यू नगर, इंदिरा गांधी नगर, मॉडर्न टाउन, श्रीराम नगर, 11 बंगले, राजा साहब की कार का गैरेज, कुत्ते का बंगला, मून पैलेस, क्रांति कृपलानी नगर, अन्नपूर्णा थाने के पीछे 16 मंजिला भवन तथा उद्योगपति हेमंत नीमा का भवन (करीब 8 बीघा भूमि पर निर्मित) सहित कई निर्माणों का उल्लेख किया गया है।
अधिकारियों पर साठगांठ के आरोप
मामले में भू-माफियाओं, कॉलोनाइजरों और राजस्व अधिकारियों की साठगांठ के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों और नामांतरण प्रक्रियाओं के जरिये देवस्थान की भूमि को निजी संपत्ति में बदल दिया गया।
आरोपों के अनुसार नजूल विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि सभी नामांतरण और कॉलोनी अनुमतियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
धार्मिक और शासकीय भूमि पर कथित कब्जे तथा उसी भूमि पर सरकारी विकास कार्य शुरू होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब निगाहें जिला प्रशासन और नगर निगम पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।
जांच के आधार पर होगी निर्णायक कार्रवाई
शासकीय जमीन पर विकास कार्य में ड्रेनेज लाइन का भूमिपूजन और उससे जुड़ी शिकायत की जानकारी कलेक्टर शिवम वर्मा को दी गई। इस पर वर्मा ने सच्चिदानंद नगर से जुड़ी शिकायतों के संबंध में जांच की स्थिति देखने के बाद निर्णायक कार्रवाई की बात कही।
संबंधित समाचार

भील प्रदेश के लिए चार राज्यों का महासंग्राम:मानगढ़ धाम में जुटेंगे हजारों आदिवासी

नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी:11.21 लाख अभ्यर्थी क्वालिफाई; पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने किया टॉप

पशुपतिनाथ मंदिर की दान पेटियों में 31.40 लाख का चढ़ावा:सात देशों की विदेशी मुद्रा भी मिली; 2026 में दान 1 करोड़ के पार

13वीं मंजिल से गिरी विशाल क्रेन:पार्किंग में मची तबाही; कई गाड़ियां चकनाचूर, एक व्यक्ति गंभीर

शराब पार्टी के बाद निर्माणाधीन फार्म हाउस पर मिला मजदूर का शव:प्रेम त्रिकोण में हत्या की आशंका

होर्मुज के बाद लाल सागर भी बंद हुआ तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है:हूती विद्रोहियों को ईरान ने दिया बड़ा संदेश

भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी मामले में मौलाना पर एफआईआर:गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन

नाकाबंदी में पुलिस के हत्थे चढ़ा अफीम तस्कर:2.051 किलो अफीम और कार जब्त; सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज

शादी से एक रात पहले दुल्हन के गहने लेकर फरार हुई रिश्तेदार युवती:प्रेमी के साथ भागने का आरोप; आरोपियों की तलाश शुरू

अमरनाथ यात्रियों से भरी बस में लगी भीषण आग:47 श्रद्धालु थे सवार; मची चीख-पुकार

प्रेम विवाह के 3 साल बाद रिश्तों का कत्ल:पति ने चाकू से काटा पत्नी का होंठ; मासूम बच्ची को तड़पता छोड़ हुआ फरार

MBBS छात्र ने की आत्महत्या:क्लासरूम में खाई सल्फास की गोलियां; इलाज के दौरान मौत

हाईवे पर भीषण हादसा:डंपर से टकराकर पलटा कंटेनर;बाइक सवार की मौत

यहां बना नया कानून:अवैध धर्म परिवर्तन पर आजीवन कारावास तक की सजा; इतने रुपए तक देना होगा जुर्माना, विवाह होगा शून्य घोषित

निगम का बड़ा फैसला:25 साल की जरूरतों के हिसाब से चमकेगा शहर; नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं

इंजीनियर पति की हत्या का सनसनीखेज खुलासा:पुलिस का दावा- अफसर पत्नी ने प्रेमी संग रची थी साजिश; शूटर को दी थी चार लाख की सुपारी

सफलता के पथ पर आगे बढ़ता रहे खुलासा फर्स्ट

रथयात्रा के दौरान मची अफरा-तफरी:एक श्रद्धालु की मौत; 200 से अधिक अस्पताल पहुंचे

मोबाइल के चक्कर में गई जान:सूखे कुएं में उतरे युवक की दम घुटने से मौत

'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान शुरू:जागरूकता रथों को किया रवाना; 15 दिन तक शहरभर में देंगे संदेश
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!