छोटे बेटे को मकान खाली कर माता-पिता को देने के निर्देश: कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश में पहली बार कल इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में लगे विशेष जनसुनवाई में बुजुर्गों की समस्याएं सुनी गई। इस दौरान अनेक बुजुर्गों को बड़ी राहत दी गई और परिजनों को बुलाकर समझाया गया कि वे अच्छा व्यवहार करें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। कई बुजुर्गों के न्याय मिलने पर आंसू छलक आए। उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा को आशीष देकर कहा कि वो हमारे बेटे हैं।
शिवाजी नगर निवासी हीरालाल कश्यप पत्नी धर्मादेवी के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीन मंजिला मकान में वे तल मंजिल पर तो पहली और दूसरी मंजिलों पर दोनों बेटे रहते हैं। वे हमारा ध्यान नहीं रखते।
छोटी बहू का व्यवहार बहुत खराब है। वो रिश्तेदारों और बेटियों के आने-जाने पर लड़ाई करती है। उन्हें मकान खाली करने को कहा तो मना कर दिया। पत्नी ने बताया कि पारिवारिक तनाव के कारण वे लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान हो गई थीं।
तीन माह पहले उन्होंने वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। उनकी समस्या सुनने के बाद एसडीएम घनश्याम धनगर ने छोटे बेटे के परिवार को मकान खाली कर कब्जा सौंपने का आदेश पारित किया।
इसमें हफ्तेभर में मकान खाली करने को कहा गया अन्यथा तहसीलदार पुलिस बल के साथ मकान खाली कराकर कश्यप दंपती को कब्जा सौंपेंगे। ये तो एक उदाहरण है, इसके अलावा कई ऐसे मामले आए जिनमें बुजुर्गों की फरियाद सुनकर कार्रवाई की गई।
कई समस्याओं से परेशान थे बुजुर्ग
कई वृद्धजन ऐसे थे, जो लंबे समय से पेंशन, भरण-पोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं और पारिवारिक समस्याओं को लेकर परेशान थे। किसी बुजुर्ग की आंखों में पेंशन शुरू होने की उम्मीद चमकी तो किसी ने पारिवारिक विवाद के समाधान के बाद राहत की सांस ली।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में प्रत्येक व्यक्ति की समस्या सुनी। कलेक्टर ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने बुजुर्गों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें जलपान कराया। कुल 331 आवेदन आए जो कलेक्ट्रेट कार्यालय के 33 विभागों से संबंधित थे।
इसमें नगर निगम के 87, तहसील मल्हारगंज के 33, तहसील जूनी इंदौर के 35, तहसील राऊ के 27, उपायुक्त सहकारिता विभाग के 22, संयुक्त संचालक सामाजिक विभाग के 18 थे। इसके अलावा रेडक्रास सोसायटी, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
कुछ वृद्धजनों को विशेष उपकरण वितरित किए गए। वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजनों को कान की मशीन (हियरिंग एड), व्हीलचेयर, वाकर, घुटने के पट्टे, सिलीकॉन कुशन, वाकिंग स्टीक और स्पाइनल बेल्ट सहित कुल 111 उपकरण वितरित किए गए।
साथ ही 10 वरिष्ठजनों की वृद्धा पेंशन समस्याओं का तत्काल निराकृत किया गया। कलेक्टर श्री वर्मा द्वारा शिविर में आए 26 वृद्धजनों को भरण-पोषण अधिनियम के तहत आदेश की प्रति दी गई। 34 से अधिक वृद्धजनों का विभिन्न बीमारियों की रक्त जांच की गई। दवाई वितरण एवं आभा कार्ड भी बनाए गए।
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