एमपी में शराब बिक्री पर डिजिटल लगाम: अब हर दुकान पर QR कोड अनिवार्य; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में शराब बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए आबकारी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश की सभी शराब दुकानों पर QR कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कोड को स्कैन करते ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर संबंधित जिले की शराब की आधिकारिक रेट लिस्ट खुल जाएगी, जिससे वे मौके पर ही कीमत की जांच कर सकेंगे।
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के निर्देश पर लागू इस व्यवस्था का मकसद दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली पर रोक लगाना है। विभाग के संज्ञान में आया था कि कई जगहों पर शराब एमआरपी से ज्यादा और एमएसपी से कम कीमत पर बेची जा रही थी, जिसे गंभीर अनियमितता मानते हुए अब सख्ती बरती जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई ठेकेदार तय कीमतों से अलग बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस तक निरस्त किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को भी अब अधिकार मिलेगा कि वे खुद ही स्कैन कर ब्रांड की सही कीमत का सत्यापन कर सकें।
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि QR कोड ए-3 साइज के मजबूत स्टिकर पेपर पर प्रिंट कर दुकानों के प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से स्कैन कर सकें। हर दुकान पर कम से कम 5 QR कोड लगाए जाएंगे, जिनमें से कुछ को सुरक्षित भी रखा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर बदला जा सके।
इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए 28 अप्रैल से 7 मई तक प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। सभी जिलों से 11 मई तक रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि QR कोड स्कैन करने पर सही जानकारी प्रदर्शित हो रही है या नहीं।
अब इस डिजिटल निगरानी के बाद उम्मीद की जा रही है कि शराब दुकानों पर मनमानी वसूली पर लगाम लगेगी और उपभोक्ताओं को सही कीमत पर ही शराब मिल सकेगी।
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