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देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: इतने मरीजों की हालत नाजुक; इस अस्पताल में चल रहा गहन उपचार

KHULASA FIRST

संवाददाता

17 मई 2026, 12:33 pm
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देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देवास जिले के टोंककला में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के घायलों का इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MYH) में उपचार जारी है। अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती तीन मरीजों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

तीनों 75 से 90 प्रतिशत तक झुलसे
डॉक्टरों के अनुसार तीनों 75 से 90 प्रतिशत तक झुलसे हैं और उनके लिए अगले 48 घंटे जीवन-मरण के लिहाज से निर्णायक माने जा रहे हैं। इनमें से एक मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

स्थिति पर लगातार नजर
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक भर्ती मरीजों में राम (20) पिता मुकेश कुमार, निरंजन (30) पिता हीरालालराम और अजय (27) पिता नुनू पासवान शामिल हैं। वहीं हादसे में घायल विशाल (25) को सिर में गंभीर चोट लगने के कारण न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया है। धमाके की तीव्रता के चलते वह दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके मस्तिष्क में रक्त का थक्का जम गया। न्यूरो सर्जन डॉ. परेश सौंधिया ने बताया कि उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

संक्रमण का बढ़ा खतरा, बर्न यूनिट सील
डॉक्टरों का कहना है कि आग से झुलसे मरीजों में तीसरे दिन के बाद संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए बर्न यूनिट में बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। केवल आवश्यक चिकित्सा स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति है।

लगातार एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही
बर्न यूनिट प्रभारी डॉ. सचिन वर्मा के अनुसार मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए लगातार एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष डाइट दी जा रही है। फिलहाल तीनों मरीजों को नली के माध्यम से फीडिंग दी जा रही है, ताकि शरीर को पर्याप्त पोषण मिल सके।

पांच नर्सिंग स्टाफ की शिफ्टवार 24 घंटे ड्यूटी
मरीजों की देखरेख के लिए पांच नर्सिंग स्टाफ की शिफ्टवार 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। उधर, शहर के चोइथराम अस्पताल में भर्ती चार अन्य घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्रशासनिक कार्रवाई जारी
गौरतलब है कि गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसमें 20 से अधिक लोग घायल हुए। अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है। मृतक मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं।

शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे और फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास के मकान भी हिल गए थे। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखे, कई के कपड़े तक त्वचा से चिपक गए थे।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज
घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए एसडीएम संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा, सोनकच्छ एसडीओपी दीपा मांडवे और टोंककला चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को निलंबित कर दिया है। हालांकि फैक्ट्री संचालन और विस्फोटक भंडारण से जुड़े अन्य जिम्मेदारों पर अब तक एफआईआर नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं।

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