खबर
Top News

कर्ज में डूबी एमपी सरकार फिर लेगी हजारों करोड़ की उधारी: होली से पहले भी लिया था; कुल देनदारी 5 लाख करोड़ के पार

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 मार्च 2026, 12:30 pm
199 views
शेयर करें:
कर्ज में डूबी एमपी सरकार फिर लेगी हजारों करोड़ की उधारी

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को फिर 5800 करोड़ रुपए की नई उधारी लेने का फैसला किया है। बता दें कि, सरकार ने हाल ही में होली के दौरान 6300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।

फिर कर्ज लेगी सरकार
यह राशि तीन अलग-अलग बॉन्ड के जरिए जुटाई जाएगी, जिसका भुगतान बुधवार को किया जाएगा। इन नए कर्जों के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा करीब 84,900 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। वहीं प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर लगभग 5 लाख 6 हजार 640 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

अलग-अलग अवधि के लिए जा रहे कर्ज
सरकार द्वारा लिए जा रहे 5800 करोड़ रुपए के कर्ज में तीन अलग-अलग अवधि के बॉन्ड शामिल हैं। 1900 करोड़ रुपए का कर्ज 10 साल के लिए। 1700 करोड़ रुपए का कर्ज 14 साल के लिए। 2200 करोड़ रुपए का कर्ज 21 साल की अवधि के लिए।

मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के जरिए मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारें बॉन्ड की नीलामी के माध्यम से कुल 45,960 करोड़ रुपए का कर्ज लेंगी। इस नीलामी में कर्नाटक 10 हजार करोड़ और तमिलनाडु 8 हजार करोड़ रुपए की उधारी लेगा।

केंद्र सरकार दे रही ब्याज-मुक्त कर्ज
राज्यों के पूंजीगत खर्च को बढ़ाने के लिए भारत सरकार 50 साल की अवधि का ब्याज-मुक्त कर्ज भी उपलब्ध करा रही है। इसी वजह से कई राज्यों ने वित्त वर्ष की शुरुआत से ही ज्यादा उधारी लेना शुरू कर दिया है।

मध्य प्रदेश में योजनाओं, उद्योग और कृषि में निवेश के साथ ही पुराने कर्ज के मूलधन और ब्याज के भुगतान के लिए बड़ी राशि की जरूरत बताई जा रही है।

होली से पहले भी लिया था 6300 करोड़ का कर्ज
होली से एक दिन पहले राज्य सरकार ने चार अलग-अलग कर्ज लेकर कुल 6300 करोड़ रुपए जुटाए थे। 1800 करोड़ रुपए (9 साल)। 1600 करोड़ रुपए (13 साल)। 1300 करोड़ रुपए (15 साल)। 1600 करोड़ रुपए (23 साल)। यह चालू वित्त वर्ष में एक दिन में लिया गया सबसे बड़ा कर्ज माना गया।

17 फरवरी को भी ली थी उधारी
इससे पहले 17 फरवरी को सरकार ने चार कर्ज लिए थे। 1200 करोड़ रुपए (8 साल)।1400 करोड़ रुपए (13 साल)। 1600 करोड़ रुपए (19 साल)। 1400 करोड़ रुपए (23 साल)। इन सभी कर्जों की अदायगी हर छह महीने में ब्याज भुगतान के साथ की जाएगी।

तेजी से बढ़ रहा प्रदेश का कर्ज
31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए था, जो लगातार नई उधारी के कारण अब तेजी से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होने की स्थिति में पहुंच गया है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!