बरगी डेम क्रूज हादसे में मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 12 पर: बच्चों के शव देख परिजन स्तब्ध
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
नर्मदा नदी पर बने बरगी डेम में शनिवार को 10 वीं और 11वीं बॉडी करीब 48 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद मिली। बताया जा रहा है 10 वीं बॉडी एक बच्चे की है। दो बच्चों के शव बरामद किए गए। इनमें श्रीतमिल (5) पिता कामराज और विराज सोनी (5) शामिल हैं।
आज सुबह करीब 6 बजे घटना स्थल से कुछ दूर पर एक और बच्चे का शव मिला है। मृतक का नाम मयूरन था। उसकी उम्र 8 साल थी। यह त्रिची (तमिलनाडु) का रहने वाला था। परिवार के साथ रिश्तेदारी में जबलपुर आया था।
हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन के मुताबिक, अब सिर्फ कामराज आर. ही लापता हैं। उनकी सर्चिंग जारी हैं। मयूरन कामराज का भतीजा था।
कथित क्रूज़ डूबने की घटना ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। इस हादसे में पीड़ित बेटी मेरिना (39), उनके त्रिशान (4) साल के बेटे और उनकी मां की मौत हो गई। ये सभी मायापुरी फेज 2 के खजान बस्ती नई दिल्ली के रहने वाले थे।
तीनों के पार्थिव शरीर को दिल्ली स्थित उनके घर ले जाया गया, जहाँ शोक की लहर दौड़ गई। स्तब्ध परिजनों और स्थानीय लोगों ने गमगीन माहौल में उन्हें अंतिम विदाई दी।
तमिलनाडु के एक ही परिवार के कई सदस्य डूब गए। परिवार के 7 सदस्यों में से केवल 10 साल का पूवीथरन और उसकी 12 साल की कजन ही सुरक्षित बच पाए हैं। अब तक तीन शव बरामद हो चुके हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
कामराज (मूल निवासी: त्रिची, तमिलनाडु) जबलपुर की आयुध निर्माणी में मशीनिस्ट थे। पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। तमिलनाडु से उनके सास-ससुर, छोटे भाई, साली और अन्य परिजन आए हुए थे। इसलिए उन्होंने छुट्टी ले ली थी।
गुरुवार को सभी लोग घूमने निकले। दोपहर में वे भेड़ाघाट गए। वहां रोप-वे का आनंद लेने के बाद करीब 3:30 बजे बरगी डैम रिजॉर्ट पहुंचे थे।
नाना-नानी के साथ गया त्रिची
हादसे के बाद पूवीथरन के पिता, छोटे भाई और मामा के बेटे का कुछ पता नहीं चल पाया है। शनिवार को काकुलाझी और सौभाग्यम के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। जिला प्रशासन की मदद से दोनों शव को कार्गों विमान की मदद से गृह ग्राम भिजवाया गया। नाना-नानी के साथ 10 साल का पूवीथरन भी बिन मां-बाप के त्रिची रवाना हुआ।
बवंडर को बताया हादसे की वजह
एमपी टूरिज्म के सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम के अनुसार, बरगी डैम हादसा अचानक आए मिनी बवंडर और तेज लहरों के कारण हुआ। उनका कहना है कि ऊंची लहरों से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह पलट गया।
हालांकि, सबसे अहम सवाल अब भी अनसुलझा है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही येलो अलर्ट जारी कर दिया था तो फिर क्रूज का संचालन क्यों नहीं रोका गया? यह भी स्पष्ट नहीं है कि खराब मौसम के दौरान किसी तरह की रियल-टाइम मॉनिटरिंग या अलर्ट सिस्टम मौजूद था या नहीं।
2023 के बाद नहीं हुआ क्रूज का फिटनेस टेस्ट
क्रूज का फिटनेस अंतिम बार कब हुआ था, इसकी जानकारी आरएम संजय मल्होत्रा को नहीं है। हमने जब उनसे सवाल पूछा तो उनका कहना था कि यह देखकर बताया जा सकता है। सूत्र बताते हैं 30 अप्रैल को जो क्रूज पानी में डूबा है, उसकी अंतिम बार 2023 में फिटनेस जांच कराई गई थी।
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