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जानलेवा पटाखे: 15 किलो विस्फोटक का लाइसेंस; फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय पर रासुका

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 मई 2026, 6:14 pm
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जानलेवा पटाखे

जमा कर रखा था कई टन बारूद

5 मौतें नतीजा 13 गंभीर

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पहुंचे एमवाय एवं चोइथराम हास्पिटल

खुलासा फर्स्ट, देवास।
टोंककला के पास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में प्रशासन की बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है। फैक्ट्री का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ और अंदर पटाखा बनाने का काम तेजी से चल रहा था। गुरुवार को हुए हादसे में धीरज, सनी, सुमित, अमर और गुड्डू नाम के मजदूरों की मौत हो गई जबकि 25 से ज्यादा झुलसे हैं। इनमें से 13 गंभीर हैं।

हादसे के समय 600 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस ने संचालक अनिल मालवीय को हिरासत में लिया है। अनिल के पास 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस था, लेकिन मौके पर कई टन विस्फोटक से पटाखे बन रहे थे।

इधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हादसे को ‘सामूहिक हत्याकांड’ जैसा बताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट सिस्टम की भयावह सच्चाई कहा।

छह महीने पहले ही शुरू हुई थी फैक्ट्री- फैक्ट्री महज छह माह पहले ही शुरू हुई थी। संचालक को पटाखों का बड़ा ऑर्डर मिला था, जिसे बारिश से पहले हर हाल में पूरा करना था।

इसी वजह से बड़ी संख्या में मजदूर बुलाए गए थे। उप्र, बिहार और देवास के मजदूर काम कर रहे थे। इसके अलावा ठेकेदारों के जरिए और मजदूर बुलाने की तैयारी भी थी। बड़े पैमाने पर बारूद का संग्रह था।

नियमों की खुली अवहेलना- विस्फोटक रखने को लेकर सख्त नियम हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इनका पालन नहीं किया गया। फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय ने 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस ले रखा था।

नियम्रानुसार इतनी मात्रा से अधिकतम 600 किलो पटाखे बनाए और रखे जा सकते थे, लेकिन मौके पर टनों विस्फोटक और तैयार पटाखे मिले। साफ है जिम्मेदार अफसरों ने कभी जांच नहीं की।

15 किलो से अधिक विस्फोटक के लिए भोपाल से विशेष लाइसेंस लेना पड़ता है, जिसमें सुरक्षा इंतजामों से लेकर मजदूरों की संख्या तक के कड़े प्रावधान हैं। इसके बावजूद यहां छोटे लाइसेंस की आड़ में भारी मात्रा में विस्फोटक रखा गया और पटाखे बनाए जा रहे थे।

अनिल मालवीय पर रासुका- जिला दंडाधिकारी ऋतुराज सिंह ने आरोपी अनिल मालवीय को रासुका के तहत गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई एसपी की रिपोर्ट पर पटाखा लाइसेंस का गलत तरीके से उपयोग करने एवं नियम शर्तों का पालन नहीं करने पर की गई।

आग अज्ञात कारण से लगी
फैक्ट्री में गुरुवार सुबह 11.30 बजे अज्ञात कारण से आग लगी व जोरदार धमाकों से क्षेत्र गूंज उठा। तीन मजदूरों की मौत हो गई, 24 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 12 घायल जिला व 8 अमलतास अस्पताल में है। जबकि 3 घायल इंदौर एमवाय व एक टी चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराए गए है।

इनमें से पांच की हालत गंभीर है। धमाका इतना भीषण था कि सड़क तक मांस के लोथड़े उड़े और शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। धमाके से फैक्ट्री के शेड के टीन हाई-वे पर तक उड़कर आ गए।

सूचना मिलते ही संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत को लेकर निर्देश दिए। प्रशासन आग पर काबू के बाद पूरे एरिया को सैनिटाइज करने में जुटा रहा।

सांसद भी पहुंंचे अस्पताल- सांसद कुछ समर्थकों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों के हाल जानने के बाद मीडिया से कहा भाजपा की सरकार है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

4-4 लाख की आर्थिक सहायता
मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कई लोगों के हताहत होने का समाचार हृदय विदारक है। जिले के प्रभारी एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। '

घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं। मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने एवं घायलों का नि:शुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर-एसपी मिले घायलों से- कलेक्टर ऋतुराज सिंह एवं एसपी पुनीत गेहलोद ने जिला अस्पताल और अमलतास अस्पताल में उपचाराधीन घायल श्रमिकों से मुलाकात कर और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पतालों के डॉक्टरों से घायल श्रमिकों के इलाज के संबंध में विस्तृत चर्चा भी की।

चिकित्सकों को बेहतर उपचार के दिए निर्देश
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा चोइथराम एवं एमवाय अस्पताल पहुंचे। चिकित्सा विशेषज्ञों से घायलों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

देवड़ा चोइथराम अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों से मिले और उनके स्वास्थ्य उपचार की जानकारी ली। चिकित्सकों को ‍निर्देश दिए किसी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। घायल मरीजों के परिजनों को विश्वास दिलाया घायलों का नि:शुल्क और बेहतर उपचार किया जा रहा है।

कलेक्टर शिवम वर्मा, सीएमएचओ डॉ. माधवप्रसाद हासानी, चोइथराम अस्पताल के प्रबंधन से जुड़े लखवानी, देवास के ‍चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य डॉक्टर्स उपस्थित रहें। देवड़ा यहां से एमवाय अस्पताल गए।

वहां बर्न यूनिट में भर्ती घायलों से मिले और विश्वास दिलाया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। एमवाय के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव एवं अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री के पूर्व उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह और आईजी राकेश गुप्ता घायलों से मिले और चिकित्सा विशेषज्ञों से उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की।

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पहुंचे एमवाय अस्पताल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट घायलों से मिलने एमवाय अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए।

ये हुए घायल
अंजेश कुमार पिता दीप नारायण पासवान 19 निवासी अररिया बिहार,शशि कुमार पिता अजय पासवान 23 निवासी सुपौल बिहार,नासिर पिता मोहम्मद आमिर 25 निवासी अररिया बिहार, नीरज पिता बाजी पासवान 19 निवासी अररिया बिहार,कृष्ण कुमार पिता जुगल ऋषि 20 निवासी पूर्णिया बिहार, रोहन कुमार पिता सिल्ट्र ऋषि 18 निवासी पूर्णिया बिहार, गोविंद पिता बलकेसर ऋषि 17 निवासी पूर्णिया बिहार,संजय कुमार पिता नुनु कुमार 20 निवासी अररिया बिहार, संतोष पिता रामचंद्र पासवान 20 निवासी सुपौल बिहार,निक्कू कुमार पिता जगन मंडल 19 निवासी अररिया,विपिन कुमार पिता महेश मंडल 19 निवासी अररिया बिहार, राम पिता मुकेश कुमार 20 ग्राम पुरनिया जिला अररिया बिहार, निरंजन पिता हीरालाल राम 30 ग्राम पुरनिया जिला अररिया बिहार, अजय कुमार पिता नुनु पासवान 27 भवानीपुर जिला पासवान बिहार, लालटू, अमित राहुल पासवान 48 निवासी बिहार, गुड्डू निवासी बिहार,अभिषेक नायर निवासी बिहार,अमर जाटव 48 निवासी बिहार, गोलू पासवान निवासी बिहार, रोशन कुमार 24, विशाल कुमार निवासी बिहार, अमित कुमार निवासी बिहार झुलसे हैं।

बैठक छोड़कर पहुंचे जीतू पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भोपाल में आयोजित पीसीसी की बैठक छोड़कर दोपहर 3 बजे शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनोज राजानी को लेकर पहुंचे। ग्रामीणों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा में सरकार पर हमला बोलते हुए कहा अभी तक मैंने रेत माफिया, ड्रग्स माफिया, शराब माफिया, खनिज माफिया जैसे शब्द सुने थे, किंतु अब बारूद माफिया भी सामने आ रहा है।

जिस बारूद फैक्टरी में धमाका हुआ है, उसका लाइसेंस 2025 में जारी हुआ था और हाल ही में नवीनीकरण। जिस अनिल मालवीय के नाम पर उसका लाइसेंस है, उसकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह इतने बड़े कैम्पेस को मैनेज करें।

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