डेमेज कंट्रोलर संजय कलवानी गिरफ्तार: कोर्ट में दायर परिवाद वापस लेकर गद्दार गौरव अहलावत को पहुंचाया फायदा
KHULASA FIRST
संवाददाता

जीआरवी बिस्कुट कंपनी के बोर्ड मेंबरों को अंधेरे में रख किया था खेल
अब पर्दे के पीछे छिपे अन्य षड्यंत्रकारी भी होंगे बेनकाब
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जीआरवी बिस्कुट प्रायवेट लिमिटेड कंपनी का ‘क्लीन चिट गेम’ इन दिनों चर्चा में है। कंपनी के डायरेक्टर रहे 37 वर्षीय संजय कलवानी पर आरोप है कि उसने कंपनी के भरोसे को ही हथियार बना लिया। आरोप है कि कंपनी की ओर से अधिकृत किए जाने के बावजूद कलवानी ने रशियन नागरिक गौरव अहलावत के खिलाफ कोर्ट में दायर परिवाद बिना बोर्ड की अनुमति के साठगांठ कर अचानक वापस ले लिया।
बाणगंगा पुलिस ने न केवल आरोपी संजय कलवानी के खिलाफ केस दर्ज किया, बल्कि उसे गिरफ्तार कर कोर्ट से पूछताछ के लिए रिमांड पर भी लिया है। टीआई सियाराम गुर्जर के अनुसार पूछताछ के बाद पर्दे के पीछे छिपे अन्य षड्यंत्रकारियों को भी जल्द ही बेनकाब किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2025 को जीआरवी बिस्कुट कंपनी के शेयर होल्डर दिनेश मनवानी की ओर से बाणगंगा पुलिस को शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया कि कंपनी के 2 बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हैं और अन्य शेयर होल्डर सदस्य हैं। दो सदस्यों नितिन जिवनानी और संजय कलवानी को कंपनी एक्ट के तहत बतौर डायरेक्टर नियुक्त किया था।
कंपनी के एक शेयर होल्डर और रशियन नागरिक गौरव अहलावत द्वारा कंपनी में चोरी की गई, जिसके चलते कंपनी ने गौरव अहलावत के खिलाफ कोर्ट में 11 दिसंबर 2024 को वाद दायर किया था। इससे पहले बोर्ड मेंबरों ने केस की कानूनी प्रक्रिया व जांच की रिपोर्ट समय-समय पर प्राप्त करने, प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में विस्तृत जानकारी बोर्ड मीटिंग में देने और बोर्ड के लिए निर्णयों के आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई करने के लिए संजय कलवानी को 6 दिसंबर 2024 को नियुक्त किया था।
यानी कलवानी को केस में प्रोसिडिंग करने, साइन करने, वेरीफाई करने, समस्त शपथ-पत्र देने, कार्रवाई करने, आवेदन देने, वाद दायर करने, वकील-पत्र पर हस्ताक्षर करने और अन्य कानूनी कार्रवाई के अधिकार दिए गए।
मामले में पुलिस प्रतिवेदन के लिए 11 अक्टूबर 2025 की तारीख निर्धारित थी, लेकिन इससे पहले ही संजय कलवानी ने खेल कर दिया। उसने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के सदस्यों को सूचना दिए बिना कंपनी व बोर्ड के नियमों के खिलाफ जाकर आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए गौरव अहलावत से लंबा लेन-देन और साठगांठ कर परिवाद वापस ले लिया। इससे न केवल कंपनी की छवि खराब हुई, बल्कि संजय के अचानक लिए निर्णय से कंपनी दिवालिया होने के कगार पर है।
ऑडिट रिपोर्ट में खुली घपले की परतें
शिकायत में ये भी बताया गया कि संजय कलवानी के उक्त खेल का खुलासा तब हुआ, जब बोर्ड मेंबरों को आंतरिक निरीक्षण में उत्पादों की संख्या में लगातार कमी मिली। उनके द्वारा ऑडिट कराने पर मार्च, अप्रैल और मई 2025 में चॉकलेट, बिस्कुट और जैली के क्रमश: 85, 95 और 83 कार्टन कम पाए गए।
उत्पादों की देखरेख की पूरी जिम्मेदारी संजय कलवानी की थी। यानी कलवानी कंपनी में तैयार उत्पादों की हेरा-फेरी कर लंबे समय से कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हुए अमानत में खयानत कर रहा था। इतना ही नहीं, कंपनी के दो कर्मचारियों ने बयान दिए कि उन्होंने कलवानी को होंडा सिटी कार की डिक्की में कंपनी के कार्टन रखते देखा।
इसके सीसीटीवी फुटेज भी जांच में शामिल किए गए। बोर्ड मीटिंग में जब कलवानी से स्पष्टीकरण मांगा गया, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। वकील कृष्णपाल सिंह खिंची के अनुसार आरोपी संजय के खिलाफ बाणगंगा थाने में 409 और 420 भादंवि (316, 318 बीएनएस) की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया है। अब पूछताछ की जाएगी कि उसने कंपनी को और कितनी व किस-किस तरह से क्षति पहुंचाई।
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