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इतने लोगों की जान जाने के बाद बंद हुआ क्रूज का संचालन: मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति; यह थी हादसे की सबसे बड़ी लापरवाही

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 मई 2026, 11:58 am
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इतने लोगों की जान जाने के बाद बंद हुआ क्रूज का संचालन

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन बच्चों समेत 4 लोग अब भी लापता हैं। शुक्रवार शाम तक सर्च ऑपरेशन में सफलता नहीं मिली। खराब मौसम और तेज बारिश के कारण अभियान रोकना पड़ा, जिसे शनिवार सुबह फिर शुरू किया गया।

मध्य प्रदेश में क्रूज संचालन पर तत्काल रोक
हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे मध्य प्रदेश में क्रूज संचालन पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

47 सवार, टिकट सिर्फ 29 के
गुरुवार शाम करीब 5 बजे नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया। जानकारी के मुताबिक, क्रूज पर करीब 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 यात्रियों के ही जारी किए गए थे। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, उस समय हवा की रफ्तार लगभग 74 किमी प्रति घंटा थी।

लाइफ जैकेट कैबिन में सील पैक
हादसे में सबसे बड़ी लापरवाही लाइफ जैकेट को लेकर सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यात्रियों को चढ़ते समय लाइफ जैकेट नहीं दी गई। सभी जैकेट कैबिन में सील पैक हालत में रखी थीं। क्रूज डगमगाने के बाद लोग करीब आधे घंटे तक उन्हें तलाशते रहे। यात्रियों ने खुद जैकेट निकालकर पहनना शुरू किया।

रेस्क्यू में दो घंटे की देरी
घटना शाम करीब 6 बजे हुई, लेकिन राहत कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका। 6:15 बजे सूचना मिलने के बाद 6:40 पर टीम रवाना हुई। रेस्क्यू वाहन खराब हो गया, जिससे संसाधन शिफ्ट करने पड़े। दूसरा दल करीब 7 बजे निकला। इस पूरी प्रक्रिया में दो घंटे से ज्यादा की देरी हुई। इस दौरान स्थानीय मछुआरों, किसानों और कर्मचारियों ने अपने स्तर पर करीब 15 लोगों को बाहर निकाला।

NDRF की एंट्री, 5 शव बरामद
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम आगरा से रवाना होकर शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंची। टीम ने पहुंचते ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया और 5 शव बरामद किए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई।

10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जल निगम की टीम ने मौके पर सबसे पहले पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया। अधिकारी आलोक तिवारी के अनुसार अंधेरा और तेज हवा के बीच ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। JCB, पोकलेन और क्रेन की मदद से सर्चिंग की गई। करीब 10 घंटे तक लगातार अभियान चलाया गया।

प्रदेशभर में क्रूज संचालन बंद
हादसे के बाद राज्य सरकार ने सभी क्रूज, मोटर बोट और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर रोक लगा दी है। अब सभी जल परिवहन साधनों का सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।

जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी
सरकार ने हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है। इसमें महानिदेशक, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, राज्य शासन के सचिव, जबलपुर संभाग के आयुक्त को शामिल किया गया है। समिति हादसे के कारणों, सुरक्षा चूक और जिम्मेदारों की भूमिका की जांच करेगी।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई
प्रारंभिक कार्रवाई में क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड, टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी निलंबित का दिए गए हैं जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

20 साल पुराना था क्रूज
पर्यटन विभाग के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ क्रूज वर्ष 2006 में बना था और उसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी। फिलहाल बरगी डैम में यही एक क्रूज संचालित हो रहा था, जबकि दूसरा पहले से खराब हालत में है।

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