सांवेर-उज्जैन रोड पर मिले इतने करोड़ रुपये, जांच में चौंकाने वाला खुलासा: तीन बैग में 500 के नोटों की गड्डियों के बीच रंगीन कागज; अब क्या तलाश रही पुलिस
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुरुवार की सुबह सांवेर-उज्जैन रोड पर तीन लावारिस बैगों में करोड़ों रुपए मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। 500 के नोटों की 566 गड्डियां बरामद हुईं, लेकिन जांच में जो खुलासा हुआ वह और भी चौंकाने वाला था । 130 से ज्यादा गड्डियों में नोटों के बीच रंगीन कागज ठूंसे हुए थे। यह ठगी का वही पुराना तरीका है जिसमें ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में कागज भरकर गड्डी तैयार की जाती है।
सुबह-सुबह ग्रामीणों को मिले संदिग्ध बैग
गुरुवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों की नजर सड़क किनारे पड़े तीन बड़े बैगों पर पड़ी। बैग लावारिस हालत में पड़े थे और कोई आसपास नहीं था। ग्रामीणों ने तुरंत ग्रामीण थाना पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही टीआई गिरजाशंकर महोबिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बैग खोले गए तो अंदर 500 रुपए के नोटों की गड्डियों का अंबार था।
गड्डियां खोलीं तो उड़े होश
पहली नजर में सब कुछ ठीक लग रहा था । नोट असली दिख रहे थे, गड्डियां करीने से बंधी थीं। लेकिन जब एक-एक गड्डी खोलकर जांची गई तो हकीकत सामने आई। 130 से अधिक गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट लगाए गए थे और बीच का पूरा हिस्सा अलग-अलग रंगों के कागज से भरा हुआ था।
कुल बरामद राशि की गिनती में आंकड़ा करीब 2 करोड़ 83 लाख रुपए निकला। फिलहाल जो नोट मिले हैं वे देखने में पूरी तरह असली लगते हैं, इसलिए पुलिस ने नोटों की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए विशेषज्ञ जांच शुरू कर दी है।
कौन छोड़ गया, यही सबसे बड़ा सवाल
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम वहां छोड़कर कौन गया और क्यों। क्या यह किसी ठगी की रकम है? क्या बैग गलती से छूट गए या जानबूझकर फेंके गए? क्या यह किसी बड़े हवाला नेटवर्क से जुड़ा मामला है? इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए पुलिस हाईवे और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बैग कहां से लाए गए और किस वाहन से छोड़े गए।
क्या है रंगीन कागज वाला पुराना खेल
यह कोई नया तरीका नहीं है। ठगों का यह पुराना और आजमाया हुआ तरीका है जिसे आमतौर पर 'नोट बदलने की ठगी' या 'बंडल स्कैम' कहते हैं। इसमें असली नोटों की गड्डी दिखाकर भरोसा जीता जाता है और सौदा होते ही रंगीन कागज से भरी गड्डी थमा दी जाती है। इस बार बैग लावारिस मिले हैं, इसलिए यह मामला और पेचीदा हो गया है क्योंकि न कोई पीड़ित सामने आया है और न कोई आरोपी।
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