महामंडलेश्वर को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का खुलासा: साध्वी मंदाकिनी पुरी और साथी पर एफआईआर; 50 हजार का लालच देकर बनारस से बुलाई थी महिला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
शहर के प्रसिद्ध चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी और उनके साथी घनश्याम पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
बदनाम करने और अवैध वसूली के लिए साजिश
दोनों पर आरोप है कि उन्होंने महामंडलेश्वर की छवि को बदनाम करने और अवैध वसूली के लिए साजिश रची। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने बनारस की एक महिला को 50 हजार रुपए का लालच देकर अपनी योजना में शामिल किया।
झूठा बलात्कार आरोप लगवाया जाना था
योजना के अनुसार महिला के जरिए महामंडलेश्वर पर झूठा बलात्कार आरोप लगवाया जाना था और केस वापस लेने के बदले उनसे ब्लैकमेल किया जाना था। पुलिस की सतर्कता के कारण यह साजिश समय रहते उजागर हो गई।
महिला को धमकाकर योजना में शामिल किया गया
महिला ने पुलिस को बताया कि 27 फरवरी को घनश्याम पटेल बनारस से उज्जैन आया और 50 हजार रुपए देकर उसे झूठा रेप केस दर्ज कराने के लिए राजी करने की कोशिश की। जब महिला ने मना किया तो उसे धमकाया गया कि उसके अश्लील फोटो वायरल कर दिए जाएंगे। डर के कारण महिला घनश्याम से संपर्क में रही। घनश्याम ने महिला के बेटे के मोबाइल पर 2,000 रुपए भेजे और उज्जैन आने के लिए टिकट भी बुक कराया।
रंगपंचमी पर दत्त अखाड़ा परिसर में पकड़े गए आरोपी
8 मार्च को रंगपंचमी के दिन घनश्याम पटेल अपने साथियों के साथ दत्त अखाड़ा परिसर पहुंचा। आरोप है कि यहां महिला के बयान रिकॉर्ड किए जा रहे थे। इस दौरान महंत आनंदपुरी महाराज, पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी मौके पर पहुंचे और उन्होंने तुरंत पुलिस अधीक्षक को सूचना दी।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने महिला के बयान और मोबाइल की जांच के बाद साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं।
महिला के वीडियो वायरल करने की कोशिश
एफआईआर के बाद घनश्याम पटेल ने महिला के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किए, जिसमें वह महामंडलेश्वर पर गंभीर आरोप लगा रही थी। पटेल ने आरोप लगाया कि महिला ने उसके खिलाफ षड्यंत्रपूर्वक फर्जी FIR दर्ज कराई क्योंकि उसने इंटरव्यू नहीं चलाने और एक लाख रुपए एक्सटॉर्शन मनी नहीं देने से इनकार किया था।
महामंडलेश्वर ने साध्वी पर आरोप लगाए
महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद ने कहा कि कुछ लोग मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं और साजिश के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदाकिनी पुरी ने उन्हें आचार्य महामंडलेश्वर बनाने का झांसा देकर 8 लाख 90 हजार रुपए लिए। मंदाकिनी ने कहा था कि अखाड़े में प्रमोशन के लिए 10-12 लाख रुपए खर्च होंगे। उन्होंने अन्य लोगों के बैंक खातों में भी पैसे भेजने को कहा, लेकिन शांति स्वरूपानंद ने ऐसा करने से इनकार किया।
कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश
अखाड़े से निकाल दिए जाने के बाद 7 मई को मंदाकिनी ने कीटनाशक पी लिया और ICU में भर्ती हुई। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
हर्बल प्रोडक्ट मामले में भी शिकायत
जयपुर के एक व्यापारी ने मंदाकिनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। व्यापारी ने कहा कि मंदाकिनी ने हर्बल जूस के स्टॉक तैयार करने के लिए पैसे नहीं दिए और एक्सपायरी के बाद पूरा माल लौटाया। इसे लेकर व्यापारी को करीब 2 लाख रुपए का नुकसान हुआ।
साध्वी मंदाकिनी की कहानी
मंदाकिनी, पहले ममता जोशी, ने संतों के आयोजनों में रसोई बनाने का काम किया। इसी दौरान उन्होंने खुद को संन्यासी बताकर निरंजनी अखाड़े के अध्यक्षों से संपर्क बढ़ाया। 2016 में उज्जैन सिंहस्थ के दौरान उन्होंने खुद को अविवाहित संन्यासी बताकर महामंडलेश्वर की उपाधि हासिल की। इस मामले की जांच पुलिस गहराई से कर रही है और साध्वी मंदाकिनी पुरी और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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