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खुलकर सामने आई कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति: इस पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के पोते ने कहा पार्टी को अलविदा; प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा पत्र

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 मई 2026, 2:45 pm
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खुलकर सामने आई कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर खुलकर सामने आई है। इंदौर में पार्टी के भीतर गुटबाजी और नाराजगी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष स्वर्गीय राधाकिशन मालवीय के पोते विशाल राजेंद्र मालवीय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। विशाल मालवीय वर्तमान में इंदौर जनपद पंचायत सदस्य हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर संगठन में चाटुकारिता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

“मेहनत नहीं, चाटुकारिता को मिल रहा महत्व”
अपने इस्तीफे में विशाल मालवीय ने लिखा कि उनका परिवार वर्षों से कांग्रेस से जुड़ा रहा है और वह स्वयं भी पिछले दस वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब संगठन में मेहनत, संघर्ष और निष्ठा की जगह चाटुकारिता को महत्व दिया जा रहा है। नेताओं के आगे-पीछे घूमने वालों को ही पद और प्रतिष्ठा मिल रही है। उन्होंने यह भी लिखा कि यह स्थिति उनके लिए बेहद आहत करने वाली है और इसी कारण वे पार्टी छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

अजय सिंह को लेकर भी विवाद
उधर कांग्रेस के शहर मीडिया एवं आईटी सेल प्रभारी हितेश वर्मा ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के इंदौर दौरे को लेकर तीखी टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि “घर बैठे कांग्रेसियों से मिलने पहुंचे अजय सिंह।” साथ ही सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस नेता घर क्यों बैठ जाते हैं, जबकि भाजपा के नेता हमेशा चुनावी मोड में रहते हैं। हितेश वर्मा की इस टिप्पणी के बाद पार्टी के भीतर नया विवाद खड़ा हो गया है।

कार्रवाई की उठी मांग
पूर्व प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश यादव ने हितेश वर्मा के बयान को अमर्यादित बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अजय सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलने गए थे, ऐसे में क्या सभी नेताओं को “घर बैठा” माना जाए?

राकेश यादव ने यह भी याद दिलाया कि पहले भी एक ब्लॉक प्रभारी द्वारा प्रदेश प्रभारी पर टिप्पणी करने पर तत्काल कार्रवाई की गई थी। अब उसी तरह की कार्रवाई की मांग हितेश वर्मा पर भी उठ रही है।

शहर कांग्रेस में लगातार बढ़ रही नाराजगी
इंदौर कांग्रेस में चिंटू चौकसे के शहराध्यक्ष बनने के बाद से गुटबाजी और असंतोष की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी के भीतर कई नेता और कार्यकर्ता पद नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं।

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