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जल संकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन: जोन कार्यालयों के बाहर फोड़े मटके; नगर निगम को दी आंदोलन की चेतावनी

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 मई 2026, 12:10 pm
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जल संकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में गहराते जल संकट को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम और शहर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न जोन कार्यालयों के सामने प्रदर्शन करते हुए मटके फोड़े और नारेबाजी की।

स्थानीय रहवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया
सुखलिया चौराहा स्थित पानी की टंकी के पास जोन-5 में कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया के नेतृत्व में स्थानीय रहवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम अधिकारियों, विधायक, महापौर और एडिशनल कमिश्नर को चेतावनी दी कि यदि जल्द जल संकट का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

नगर निगम पर लगाए लापरवाही के आरोप
चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। उनका कहना है कि शहर की आधी आबादी तक नर्मदा का पानी नहीं पहुंच रहा और जहां पानी पहुंच भी रहा है वहां पर्याप्त दबाव और समय तक सप्लाई नहीं मिल रही।

स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए
उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में गंदा पानी आने की समस्या भी बनी हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 35 लोगों की मौत के बाद भी इंदौर नगर निगम ने स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।

लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा
कांग्रेस ने भाजपा के 27 वर्षों के नगर निगम शासन पर भी सवाल उठाए। चौकसे ने कहा कि नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण के दौरान वर्ष 2040 तक की आबादी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन 2026 में ही शहर के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।

मोटर सुधारने का ठेका एक ही ठेकेदार को दे रखा
पार्टी का आरोप है कि जिन क्षेत्रों में नर्मदा पाइपलाइन नहीं पहुंची है वहां लोग बोरिंग के पानी पर निर्भर हैं। भीषण गर्मी के कारण कई बोरिंग सूख चुके हैं या उनकी मोटरें खराब हो गई हैं।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम ने पूरे शहर की मोटर सुधारने का ठेका एक ही ठेकेदार को दे रखा है, जिसने काम छोड़ने की बात कही है, लेकिन अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

पानी खरीदना पड़ रहा
कांग्रेस नेताओं ने जल वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ वीआईपी इलाकों में ज्यादा दबाव और लंबे समय तक पानी दिया जा रहा है, जबकि आम लोग पानी के लिए परेशान हैं। लोगों को निजी टैंकरों से महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है और पार्षदों को दिए गए टैंकर भी पर्याप्त पानी नहीं भर पा रहे क्योंकि कई हाइड्रेंट बंद पड़े हैं।

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