सफाई में लापरवाही पर आयुक्त ने की कार्रवाई: सरवटे बस स्टैंड के शौचालय में गंदगी पर लगाया जुर्माना
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने सोमवार को जीटीएस एवं सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सरवटे बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालय में गंदगी मिलने पर आयुक्त ने संबंधित एजेंसी पर 20 हजार रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। आयुक्त सिंघल ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता मानकों का पालन न करने वाली किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान आयुक्त सिंघल के साथ अपर आयुक्त अर्थ जैन, क्षेत्रीय जोनल अधिकारी गीतेश तिवारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त ने सबसे पहले होटल राजशाही और दबंग दुनिया कार्यालय के पास स्थित जीटीएस परिसर की सफाई व्यवस्था और वाहनों की आवाजाही का जायजा लिया।
उन्होंने जोनल अधिकारी तिवारी को कचरा निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक सुचारू और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद आयुक्त ने सरवटे बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने प्याऊ पर पानी की शुद्धता और गुणवत्ता जांची और अपर आयुक्त अर्थ जैन को निर्देशित किया कि यात्रियों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता निरंतर बनी रहे। बस स्टैंड के मेंटेनेंस का जिम्मा संभाल रही एजेंसी
एम पावर के कामकाज में कमियां मिलने पर आयुक्त ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही क्लॉक रूम का निरीक्षण कर यात्रियों के सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक सुविधाओं और सफाई व्यवस्था की लगातार मॉनीटरिंग की जाए।
कार्यस्थल से पेयजल केंद्र की दूरी पचास मीटर से अधिक न हो...
बढ़ते तापमान और गर्मी के मद्देनजर मौसम में कलेक्टर ने जिले के समस्त औद्योगिक एवं निर्माण स्थलों आदि पर कार्यरत श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी वर्मा ने कारखाना अधिनियम, 1948 (धारा 18), मध्यप्रदेश कारखाना नियम, 1962 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 (धारा 23) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है।
जारी आदेश में विशेष रूप से बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को अनिवार्य किया गया है। इसके अनुसार कार्यस्थल पर श्रमिकों को साफ एवं स्वच्छ पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक श्रमिक के लिए प्रतिदिन न्यूनतम एक गैलन पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
‘पेयजल’ स्पष्ट रूप से स्थानीय भाषा में अंकित हो
पेयजल स्थल पर ‘पेयजल’ स्पष्ट रूप से स्थानीय भाषा में अंकित हो। पेयजल स्थल शौचालय, मूत्रालय, नाली या अन्य प्रदूषण स्रोत से कम से कम छह मीटर दूर स्थित हो। जिन कारखानों में 250 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, वहां गर्मी के मौसम (मार्च से जून) में ठंडे पेयजल हेतु वाटर कूलर अथवा अन्य उपयुक्त व्यवस्था की जाए।
कार्यस्थल से पेयजल केंद्र की दूरी 50 मीटर से अधिक न हो। श्रमिकों के लिए धूप से बचाव हेतु छाया की समुचित व्यवस्था की जाए तथा कार्य समय में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन किया जाए। प्रत्येक औद्योगिक परिसर में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पाउडर उपलब्ध रखा जाए।
किसी भी श्रमिक को लू लगने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार एवं नजदीकी अस्पताल में उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है कि उक्त सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिभोगी/प्रबंधक/ठेकेदार की होगी। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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