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अधिकारियों से साठगांठ, मरीजों से हो रही वसूली: प्रमिला हॉस्पिटल की लीला पर कलेक्टर, महापौर व सीएमएचओ खामोश

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 अप्रैल 2026, 7:38 pm
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अधिकारियों से साठगांठ, मरीजों से हो रही वसूली

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुमास्ता नगर स्थित प्रमिला हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर को लेकर लग रहे आरोप न केवल चिकित्सा व्यवसाय, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं। आरोप है कि जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य अधिकारियों की कथित साठगांठ के चलते मरीजों से खुलेआम वसूली की जा रही है।

अस्पताल संचालक डॉ. भरत जैन और डॉ. मून जैन पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सीएमएचओ माधव हसानी ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। शहर के कई अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम तक नहीं है, वहीं जिम्मेदार विभाग केवल औपचारिकताएं निभाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रहे हैं।

नक्शे के विपरीत भवन, पार्किंग स्थल का दुरुपयोग
इस मामले में नगर निगम की अनदेखी का भी खुलासा हुआ है। प्रमिला हॉस्पिटल कथित रूप से स्वीकृत नक्शे के विपरीत है। पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान पर मरीजों के परिजन के बैठने की व्यवस्था कर दी गई। मरीजों व परिजन के वाहन सड़क पर अवैध रूप से खड़े करवाए जा रहे हैं। शहर में जहां अवैध तलघर और पार्किंग दुरुपयोग पर अभियान चलाया जा रहा है, वहीं इस अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

बीईएमएस डिग्रीधारी कर रहे इलाज
आरोप है कि इस अस्पताल में कुछ बीईएमएस डिग्रीधारी एलोपैथी पद्धति से इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, बिना वैध अनुमति के विदेशी (पाकिस्तानी) डॉक्टरों द्वारा उपचार का भी खुलासा हुआ है। इन गंभीर आरोपों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

इलाज में लापरवाही, जांच पर सवाल... करीब 80 वर्षीय नंदकुंवर शर्मा को पिछले दिनों प्रमिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजन का आरोप है कि यूरिन सैंपल लिया, जो जांच के लिए लैब तक पहुंचा ही नहीं। केवल सोडियम का उपचार कर दो दिन में छुट्टी दे दी गई। चार दिन बाद हालत बिगड़ने पर दोबारा भर्ती किया, तब संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि मरीज 20 दिन से परेशान थी।

क्या यूं ही चलता रहेगा खेल?... हॉस्पिटल प्रकरण ने फिर सवाल खड़ा किया है क्या शहर में स्वास्थ्य सेवाएं जिम्मेदारी से चल रही हैं या प्रशासनिक संरक्षण में अनियमितता जारी है।

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