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‘शव मिलने में सफलता’ लिखने पर घिरे कलेक्टर: क्रूज हादसे से दुखी लोगों का फूटा गुस्सा; पोस्ट करनी पड़ी एडिट

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 मई 2026, 2:30 pm
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‘शव मिलने में सफलता’ लिखने पर घिरे कलेक्टर

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे (अब तक 13 मौतें) के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ गए हैं।

‘शव बरामद करने में सफलता’-पोस्ट से भड़के लोग
कलेक्टर ने रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए फेसबुक पर लिखा कि सर्च ऑपरेशन में दो बच्चों के शव बरामद करने में सफलता मिली। इस शब्द ‘सफलता’ ने लोगों को झकझोर दिया। हादसे में मासूमों की मौत के बीच इस तरह की भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ ही देर में पोस्ट पर सैकड़ों टिप्पणियां आने लगीं, जिनमें लोगों ने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए।

जनता का गुस्सा-यह सफलता नहीं, असफलता है
लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि क्या शव ढूंढना भी अब सफलता माना जाएगा? पहले लापरवाही से हादसा, फिर शव मिलना सफलता? यह प्रशासन की नाकामी है, सफलता नहीं। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती, खासकर तब जब परिवार अपने बच्चों को खो चुके हों।

विवाद बढ़ा तो पोस्ट किया एडिट
सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध के बाद कलेक्टर को अपनी पोस्ट एडिट करनी पड़ी और ‘सफलता’ शब्द हटा दिया गया। हालांकि तब तक स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके थे और मामला चर्चा का विषय बन गया।

हादसे पर पहले से उठ रहे हैं सवाल
गौरतलब है कि 30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में क्रूज पलटने से 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में ओवरलोडिंग, खराब मौसम में संचालन और सुरक्षा इंतजामों की कमी जैसे कई गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं।

संवेदनशीलता बनाम प्रशासनिक भाषा
यह पूरा विवाद सिर्फ एक शब्द तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनशीलता और संवाद शैली पर भी सवाल खड़ा करता है। आपदा की स्थिति में शब्दों का चयन कितना महत्वपूर्ण होता है, यह इस घटना ने फिर साबित कर दिया।

गुस्से के बीच न्याय की मांग
जहां एक ओर परिजन अपने अपनों को खोने के गम में हैं, वहीं दूसरी ओर वे जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस आक्रोश को कैसे संभालता है और क्या इस मामले में जवाबदेही तय होती है या नहीं।

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