साइबर ठगों का नया हथियार बन गई कॉकरोच पार्टी: लोगों के बैंक खाते तुरत-फुरत में कर रहे खाली; विशेषज्ञों ने दी ऐसी सलाह
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही “कॉकरोच पार्टी” ट्रेंड को नया हथियार बना लिया है। इंस्टाग्राम, वाट्सएप और टेलीग्राम पर तेजी से फैल रहे फर्जी लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन का कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में पहुंच रहा है और कुछ ही मिनटों में बैंक खाते खाली हो रहे हैं।
इंदौर में सामने आए एक मामले में युवक करीब एक लाख रुपए की ठगी का शिकार हो गया। जानकारी के अनुसार, युवक को उसके परिचित के जरिए “कॉकरोच पार्टी जॉइन करें” नाम से एक लिंक भेजा गया था। युवक ने बिना जांच-पड़ताल किए लिंक पर क्लिक कर दिया।
क्लिक करते ही मोबाइल में एक रिमोट शेयरिंग एप डाउनलोड हो गई। इसके बाद युवक के खाते से लगातार रकम कटने के मैसेज आने लगे। जब तक उसे ठगी का एहसास हुआ, तब तक खाते से बड़ी रकम निकल चुकी थी।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, इन दिनों “कॉकरोच पार्टी”, “कॉकरोच गेम”, “फ्री रिवॉर्ड” और “एक्सक्लूसिव ऑफर” जैसे नामों से फर्जी लिंक तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। इन लिंक का मकसद लोगों की बैंकिंग जानकारी, यूपीआई डिटेल, ओटीपी और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बनाना होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुल जाती है, जहां लोगों से मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल और ओटीपी मांगा जाता है। वहीं कुछ मामलों में मोबाइल में मालवेयर या रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल हो जाती है, जिससे ठग सीधे फोन का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं।
साइबर एक्सपर्ट प्रोफेसर गौरव रावल के अनुसार, ठग लोगों को “क्लिक हियर”, “फ्री गिफ्ट”, “स्पेशल एंट्री” और “सीक्रेट पार्टी एक्सेस” जैसे आकर्षक संदेशों के जरिए फंसाते हैं। खासकर युवा वर्ग तेजी से इस जाल में फंस रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। यदि गलती से लिंक खुल जाए तो तुरंत मोबाइल का इंटरनेट बंद करें, बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड और यूपीआई पिन बदलें। साथ ही मोबाइल को स्कैन कर बैंक हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर पुलिस ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि डॉट एक्सवायजेड, डॉट टॉप, डॉट बज और डॉट क्लिक जैसे संदिग्ध डोमेन वाली वेबसाइटों से सतर्क रहें। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
फिलहाल इस तरह के कई फर्जी मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं। हालांकि इंदौर में अब तक एक मामला आधिकारिक रूप से सामने आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग सतर्क नहीं हुए तो ऐसे साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।
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