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सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला पहुंच किए मां के दर्शन, बोले: सरस्वती लोक से धार का गौरव पुन: लौटाया जाएगा

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 मई 2026, 6:07 pm
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सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला पहुंच किए मां के दर्शन, बोले

खुलासा फर्स्ट, धार।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन किया और इसे भारतीय संस्कृति, शिक्षा और सनातन आस्था का प्रतीक बताया। कहा धार सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गौरव की नई पहचान बनेगा।

भोज की नगरी का सम्मान लौटाना प्राथमिकता है। धार विकास, पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर पहुंचेगा। जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के भोजशाला पहुंचते ही पूरा परिसर श्रीराम और मां वाग्देवी के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भोजशाला आंदोलन से जुड़े लोगों से भी मुलाकात की।

रोड शो और जनसभा में भारी भीड़: भाजपा कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों में दौरे को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। राजनीतिक जानकार इस दौरे को सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश मान रहे हैं।

भोजशाला मुद्दे पर मुख्यमंत्री का दौरा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में भी अहम प्रभाव छोड़ सकता है। मुख्यमंत्री के आगमन पर शहर में उत्साह का माहौल रहा। शहरभर में स्वागत मंच बनाए गए थे।

भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं और समर्थकों ने जयकारों से सीएम का स्वागत किया। भोजशाला परिसर को विशेष रूप से सजाया गया। मुख्यमंत्री के स्वागत में रेड कारपेट बिछाया गया। डॉ. मोहन यादव ने हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति दी।

प्रतिमा वापसी की मांग तेज
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद भोजशाला मुद्दा फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों ने लंदन में कैद मां वाग्देवी की प्रतिमा को लाने की मांग दोहराई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आमसभा में कहा भोजशाला राजा भोज के काल से शिक्षा, कला, साहित्य और सनातन चेतना का महान विवि रही है।

साधारण स्मारक नहीं, सदियों पुरानी जीवंत संस्कृति, विद्वता और करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। सरकार इसके मूल स्वरूप के संरक्षण और उनके प्राचीन गौरव को वापस लौटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बनेगा वाग्देवी लोक
सीएम ने भोजशाला में ‘वाग्देवी लोक’ बनाने की घोषणा कर कहा इससे पुरातत्व संरक्षण के साथ पर्यटन की व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी। पुरातत्व एवं साहित्य के संरक्षण और विकास के उद्देश्य से जिले में ‘राजा भोज शोध संस्थान’ स्थापित किए जाने की घोषणा भी की।

कहा कि मालवा के इतिहास में राजा भोज का विशेष स्थान रहा है। उनके समय में कवि सम्मेलनों का आयोजन होता था और श्रेष्ठ रचनाओं के प्रत्येक शब्द पर विशिष्ट पुरस्कार दिए जाते थे।

शहीदों के परिजनों का सम्मान
भोजशाला के लिए शहादत देने वाले शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने वाग्देवी का स्वरूप व शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया एवं तीनों परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की।

सम्मानित परिजनों में शहीद बनसिंह की पत्नी सन्नूबाई अराड़िया निवासी अमझेरा, अंतरसिंह की पत्नी गुलाबबाई निवासी टांडा तथा लक्ष्मण सिंह के पिता सालम बाबा निवासी ओसारी, पंचघाटी शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक देवी सागर तालाब (देवीजी तालाब) पर पहुंचकर श्रमदान किया और जनसमुदाय को जल संरचनाएं सहेजने का संकल्प दिलाया।

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