चुनौतियों को हराकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची शहर की बेटी पूजा: महिला दिवस विशेष
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की बेटी पूजा गर्ग साहस, संकल्प और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त मिसाल बन चुकी हैं। 3 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर उन्हें राष्ट्रपति ने ‘दिव्यांगजन सशक्तिकरण राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें दिव्यांग सशक्तिकरण, खेल और समाजसेवा में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
पूजा गर्ग 2010 में गंभीर स्पाइनल कॉर्ड एक्सीडेंट के कारण पूरी तरह पैरालाइज हो गई थीं। डॉक्टरों ने मान लिया था फिर सामान्य जीवन नहीं जी पाएंगी लेकिन पूजा ने परिस्थिति के आगे हार मानने के बजाय संघर्ष को हथियार बनाया। 13 बड़ी सर्जरी, 10,000 से अधिक इंजेक्शन और वर्षों की शारीरिक व मानसिक पीड़ा के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया।
पीड़ा को शक्ति बनाया और खेल को अपने जीवन का उद्देश्य। आज पूजा भारत की अंतरराष्ट्रीय पैरा केनो ( कायक एंड कैनोन) एथलीट, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर, कैंसर सर्वाइवर और एक प्रेरक वक्ता के रूप में जानी जाती हैं।
उन्होंने एशियाई और वैश्विक खेल मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। 2025 में थाईलैंड में आयोजित एशियन पैरा केनो चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर 200 मीटर वीएल2 और 500 मीटर वीएल2 स्पर्धा में दो कांस्य पदक जीते।
2023 में उज़्बेकिस्तान और 2024 में जापान में आयोजित एशियन पैरा केनो चैंपियनशिप में चौथा स्थान प्राप्त किया। 2025 में पोलैंड में आयोजित आईसीएफ वर्ल्ड पैरा केनो कप तथा इटली में आयोजित आईसीएफ वर्ल्ड पैरा केनो चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
पहली पैराप्लेजिक: अक्टूबर 2024 में पूजा गर्ग ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इंदौर से नाथूला पास (14,400 फीट) तक लगभग 4,500 किमी की फोर व्हील बाइक यात्रा पूरी कर दुनिया की पहली पैराप्लेजिक बनीं जिन्होंने इस ऊंचाई पर तिरंगा फहराया।
इस अभियान का उद्देश्य कैंसर जागरूकता फैलाना, दिव्यांगजनों के प्रति समाज की सोच बदलना और यह संदेश देना था कि सीमाएँ शरीर में हो सकती हैं, लेकिन हौसलों में नहीं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (लंदन) द्वारा भी मान्यता दी गई। पूजा सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
‘पंखों की उड़ान चैरिटेबल फाउंडेशन’ की डायरेक्टर हैं और इस संस्था के माध्यम से देशभर में दिव्यांग सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, बच्चों को गुड– बैड Touch के बारे में जागरूक करने और कैंसर पीड़ितों को निःशुल्क काउंसलिंग जैसे कार्य कर रही हैं।
उनके ट्रिपल-सी सेंटर के माध्यम से अब तक 135 से अधिक कैंसर मरीजों को काउंसलिंग और मानसिक सहयोग किया है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक मंचों पर युवाओं को प्रेरित करती रहती हैं।
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