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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 51 लाड़ली बहनों को साड़ियां भेंट की: 1.25 करोड़ खातों में अंतरित किए 1835 करोड़ रुपए

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 मई 2026, 5:50 pm
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 51 लाड़ली बहनों को साड़ियां भेंट की

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है प्रदेश सरकार के लिए माता-बहनों का सम्मान सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मातृशक्ति के कल्याण के लिए प्रदेश शासन द्वारा संचालित सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है।

महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त के अंतरण और हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 1835 करोड़ रुपए राशि अंतरित की साथ ही 296 करोड़ रुपए के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।

51 लाड़ली बहनों ने कलश यात्रा से अगवानी की। उन्होंने इन बहनों को साड़ी भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लाड़ली बहनों पर पुष्प-वर्षा कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।

रानी दुर्गावती के पराक्रम-सम्मान में कैबिनेट की बैठकें
मुख्यमंत्री ने कहा भगवान नृसिंह की यह भूमि रानी दुर्गावती के पराक्रम की साक्षी है। रानी दुर्गावती के सम्मान में प्रदेश सरकार द्वारा जबलपुर और सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक आयोजित की है। वहीं आदिवासी शहीद भभूत सिंह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के सम्मान में भी विशेष कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। वर्तमान में प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 6 पर महिला सांसद हैं, जबकि 27 महिला विधायक एवं 5 महिला मंत्री कार्यरत हैं।

जिले की धरोहरों पर केंद्रित कैलेंडर का विमोचन
मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर जिले की ऐतिहासिक धार्मिक एवं पुरातात्विक धरोहरों पर आधारित कलेंडर का विमोचन किया। कैलेंडर में बरमान घाट, मृगनाथ तपोवन आश्रम, दादा दूल्हादेव महाराज, नरसिंह मंदिर, चौगान का किला, बरहेटा की पुरातात्विक धरोहर, गरूण मंदिर, बिनेकी टोला के शैल चित्र, मां राजराजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी मंदिर, पीतल नगरी चीचली, गुरू गुफा अमोदाशंकर घाट को शामिल किया गया है।

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