भोजशाला पहुंचे मुख्यमंत्री: पद पर रहते मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना करने वाले बने पहले सीएम
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, धार।
ऐतिहासिक और लंबे समय से चर्चाओं में रही भोजशाला सोमवार को एक अहम पल की साक्षी बनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर करीब 1:30 बजे भोजशाला पहुंचे, जहां उन्होंने मां वाग्देवी (सरस्वती) के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
शहर में सुबह से उत्साह का माहौल दिखाई दिया
इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भोजशाला पहुंचने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर धार शहर में सुबह से उत्साह का माहौल दिखाई दिया। शहर के कई स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे।
श्रद्धालुओं और समर्थकों में दिखा उत्साह
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए सड़कों पर मौजूद रहे। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं और समर्थकों में खास उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए भोजशाला परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था।
सुख-समृद्धि की कामना की
पारंपरिक स्वागत के बीच रेड कारपेट के जरिए उनका अभिनंदन किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
हवन कुंड में आहुति भी दी
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन कुंड में आहुति भी दी। “जय मां सरस्वती” के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। मौजूद श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण बताया।
हिंदू पक्ष को वर्षभर पूजा-अर्चना की अनुमति दी
मुख्यमंत्री का यह दौरा हाल ही में आए न्यायिक फैसले के बाद और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट इंदौर बेंच के निर्णय के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हिंदू पक्ष को वर्षभर पूजा-अर्चना की अनुमति दी थी।
अहम माना जा रहा दौरा
इसके बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री का भोजशाला पहुंचना राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा राज्य सरकार की सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर सक्रियता का संकेत भी माना जा रहा है।
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