खबर
Top News

जिम ट्रेनर का धोखा: नेशनल प्लेयर ने गंवाई जान; 5 हजार मैसेज में छिपा मौत का राज

KHULASA FIRST

संवाददाता

17 फ़रवरी 2026, 3:24 pm
214 views
शेयर करें:
जिम ट्रेनर का धोखा

पुलिस जांच ठंडे बस्ते में, कार्रवाई में देरी पर उठे गंभीर सवाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
छोटे शहर से निकलकर बड़े सपने देखने वाली 21 वर्षीय नेशनल पॉवर लिफ्टिंग खिलाड़ी दिव्या की मौत अब सिर्फ आत्महत्या का मामला नहीं रह गई है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर रही है। दोनों जिम ट्रेनर दिव्या को कई साल से जो मैसेज भेज रहे थे, उससे साफ होता है कि वे उसे अपने जाल में फंसाने का पूरा प्लान बना चुके थे।

कभी उसे मोबाइल के डिवाइस तो कभी रुपए मांगते रहे थे। दिव्या ने एक ट्रेनर के लिए बुलेट भी बुक करवाई, जिसके लिए वह कुछ दिन पहले अपने घर से 45 हजार रुपए नकद लेकर गई थी। इसके पेपर परिजन को मिल चुके हैं। बैंक डिटेल में यह साफ हुआ है कि दोनों ट्रेनर उसे अपने प्रेम जाल में उलझा रहे थे।

आरोप है कि ट्रेनिंग के बहाने जिम ट्रेनर ने उसे अपने जाल में फंसाया और लगातार मानसिक दबाव इतना बढ़ा कि युवती ने सल्फास खाकर जान दे दी। दुखद पहलू यह कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजी जांच और डायरी तक सीमित नजर आ रही है।

परिजन का आरोप है कि पुलिस का रवैया शुरुआत से ही ढीला रहा और मामले को गंभीरता से लेने के बजाय औपचारिक कार्रवाई कर खानापूर्ति की जा रही है। परिवार का कहना है गरीब पृष्ठभूमि होने के कारण इस पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक न तो जांच में तेजी आई और न ही जिम्मेदार लोगों से सख्त पूछताछ की गई।

सवालों के घेरे में पुलिस की जांच- महू की इस होनहार खिलाड़ी ने खेल जगत में तीन बार प्रदेश का नाम रोशन किया था। 8 फरवरी को जहर खाकर जान देने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू करने की बात कही, लेकिन परिजन के विस्तृत बयान दर्ज नहीं किए गए। न ही अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है। यही कारण है कि पुलिस की मंशा और जांच की गंभीरता दोनों पर सवाल उठने लगे हैं।

कम उम्र में उठाने लगी थी परिवार की जिम्मेदारी- दिव्या की मां सीमा के अनुसार उनकी बेटी का पूरा जीवन संघर्ष, मेहनत और सपनों की लड़ाई से भरा हुआ था। महू टोल क्षेत्र स्थित जिम में वर्षों तक पसीना बहाकर वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। पिता के निधन के बाद कम उम्र में ही उसने परिवार की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठा ली थीं।

चैटिंग ने खोले कई राज
दो साल से अंशुल पागलों की तरह उसके पीछे पड़ा था। चैटिंग करते समय अंशुल व निखिल सावधानी बरतते। दिव्या को मैसेज कर उसके पढ़ लेने के बाद दोनों अपनी चैट डिलीट कर देते थे। लेकिन बैंक से जो ऑनलाइन रुपए दोनों ने लिए, उसकी जानकारी डिलीट नहीं हो पाई।

दिव्या की मौत के बाद जब परिजन ने उसका मोबाइल खंगाला तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। मोबाइल चैट पढ़कर हैरान परिजन का आरोप है कि अंशुल नामक युवक लंबे समय से दिव्या को प्रेमजाल में फंसाए हुए था। उम्र में बड़ा होने के कारण वह भावनात्मक रूप से उसे प्रभावित करता रहा और धीरे-धीरे उस पर मानसिक दबाव बढ़ाता गया।

परिजन के मुताबिक वह दिव्या से बार-बार पैसों की मांग करता था, देर रात तक बातचीत कर महंगे गिफ्ट मांगता और अपने खातों में रुपए ट्रांसफर करवाता था। बैंक ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड भी परिजन के हाथ लगे हैं, जिन्हें पुलिस को सौंपने की बात कही जा रही है। परिजन का दावा है कि यह सिर्फ भावनात्मक शोषण नहीं बल्कि आर्थिक दबाव का मामला भी है, लेकिन इसके बावजूद जांच की दिशा स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!