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नाबालिग के साथ मारपीट करने वाली गुंडी गैंग के खिलाफ केस दर्ज: खुलासा फर्स्ट की खबर का असर

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 अप्रैल 2026, 6:33 pm
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नाबालिग के साथ मारपीट करने वाली गुंडी गैंग के खिलाफ केस दर्ज

हिस्ट्रीशीटर बदमाश आशीष पाल की पत्नी मान्यता पाल निकली सरगना

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तुकोगंज थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक किशोरी के साथ मारपीट के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ था। मामले को लेकर खुलासा फर्स्ट ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में आने और पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस कमिश्नर को शिकायत करने के बाद पुलिस ने नाबालिग से मारपीट करने के मामले में हिस्ट्रीशीटर बदमाश आशीष पाल की पत्नी मान्यता उर्फ मुन्नू पाल सहित पांच लड़कियों पर केस दर्ज किया है, जिसमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपी युवती साथियों के साथ ब्लेड दिखाकर किशोरी को घर से बुलाकर तुकोगंज थाना क्षेत्र के एक फ्लैट मेंं ले गई और वहां उसे बंद कर डंडों व थप्पड़ों से पीटा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

जानकारी के मुताबिक 14 वर्षीय पीड़िता ने अपनी मां के साथ थाने पहुंचकर मौखिक शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि नौ अप्रैल की रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच वह घर पर अकेली थी। तभी परिचित मान्यता उर्फ मुन्नू उसके घर के बाहर आई और उसे बाहर बुलाया। जब वह बाहर आई तो मान्यता ने उसे धमकाते हुए मुंह में से ब्लेड निकालकर अपने साथ चलने को कहा। मना करने पर उसने पीड़िता की मां को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

डर के कारण किशोरी उसके साथ चली गई। आरोपी उसे एक परिचित के घर ले गए, जहां कमरे में बंद कर दिया गया। अंदर पहले से मौजूद अन्य लड़कियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। एक लड़की ने डंडे से मारपीट की, जबकि अन्य ने भी थप्पड़ और लात से हमला किया। मान्यता ने भी डंडा लेकर किशोरी को पीटा और उसके बाल पकड़कर घसीटा। मारपीट के दौरान आरोपियों ने किशोरी को धमकाया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो जान से खत्म कर देंगे।

इस डर के चलते पीड़िता कई दिनों तक चुप रही और किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। घटना का खुलासा तब हुआ, जब 21 अप्रैल को पीड़िता की मां के मोबाइल पर मारपीट का वीडियो पहुंचा। वीडियो देखने के बाद मां ने बेटी से पूछताछ की, तब पूरी घटना सामने आई। तुकोगंज पुलिस ने किशोरी की शिकायत पर मान्यता उर्फ मुन्नू पाल निवासी फिरोज गांधी नगर परदेशीपुरा, मिष्टी पिता चंदन जोगदंड निवासी सोमनाथ की जूनी चाल, सिमरन उर्फ सिम्मी पिता राकेश पंवार निवासी रुस्तम का बगीचा व अन्य दो नाबालिग के खिलाफ विभिन्न धारा में केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने पांचों को हिरासत में लेकर तीन को भेजा जेल, दो को दी समझाइश
सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद पुलिस ने मान्यता उर्फ मुन्नू सहित सभी को हिरासत में लिया तो सभी अपने आप को नाबालिग बताती रहीं। जांच में मान्यता उर्फ मुन्नू सहित तीन लड़कियां बालिग निकली, वहीं दो साढ़े सत्रह साल की निकली, जिसके बाद पुलिस ने बालिग तीन लड़कियों को कोर्ट में पेश किया, जहां पर मान्यता अपने आप को पहले नाबालिग कहते हुए नजर आई। उसके बालिग होने का पता चला तो कहने लगी प्रेग्नेंट है, जिसके चलते उसकी जांच करवाई गई। जहां पर उसके प्रेग्नेंट की बात भी झूठी निकली, इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस दौरान वह परिजन के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगी। वहीं दो नाबालिगों को समझाइश के बाद संभवत: परिजन को सौंपा गया है।

पुलिस राजीनामे के लिए बनाती रही दबाव, कमिश्नर को शिकायत और केस दर्ज
इधर, किशोरी के चाचा ने आरोप लगाया है कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद एमआईजी थाने पहुंचे, लेकिन मामला तुकोगंज थाने का निकला। ऐसे में शिकायत लेकर तुकोगंज थाने पहुंचे। वहां वीडियो दिखाते हुए शिकायत की तो पुलिस ने सामने वाले पक्ष के नाबालिग होने का कहते हुए राजीनामा करने की बात कही और राजीनामे के लिए दबाव बनाने लगे। हमारे द्वारा मना कर दिया तो पुलिस टालमटोल करने लगी और हमें रवाना कर दिया। इस दौरान हमें पता चला कि पुलिस ने घटना का वीडियो वायरल होने के बाद ही सभी लड़कियों को हिरासत में ले लिया था। जहां सेटलमेंट कर उन्हें नाबालिग बताते हुए बिना कार्रवाई करते हुए ही छोड़ दिया गया। दो दिन तक पुलिस के संपर्क में रहा, जहां हर बार पुलिस टालमटोल करते रही। वह कहती रही रुस्तम का बगीचा आ जाओ दोनों पक्ष का राजीनामा करवा देते हैं।

पुलिस का रवैया देख पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को लिखित शिकायत की और बच्ची के साथ मारपीट का वीडियो दिखाया, जिसके बाद तुकोगंज टीआई को पुलिस कमिश्नर ने तलब किया। इसके बाद थाने से कॉल आया कि थाने आ जाओ वहां पर भी दबाव बनाया गया कि कमिश्नर साहब के पास क्यों गए। जिसके चलते वकील को थाने ले गए। उसके बावजूद पुलिस ने मारपीट करने वाली युवतियों के खिलाफ अपहरण और पाॅक्सो एक्ट में केस दर्ज ना करते हुए अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इसके चलते अब कोर्ट के माध्यम से आरोपियों पर गंभीर धाराएं बढ़ाने के लिए कोर्ट की शरण लेंगे।

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