जमीन पर कब्जे का मामला: शराब ठेकेदार पर शिकंजा कसने की तैयारी; बाउंड ओवर की कार्रवाई शुरू
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शराब ठेकेदार और मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) में मालवा स्टैलियंस टीम के मालिक सूरज रजक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जमीन कब्जाने के प्रयास के मामले में पहले से दर्ज केस के बाद अब पुलिस उनके खिलाफ बाउंड ओवर की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
टीवी एक्ट्रेस ने की थी शिकायत
लसूडिया थाना पुलिस ने इस संबंध में रजक को नोटिस जारी कर दिया है और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। मामले की शुरुआत टीवी एक्ट्रेस रेमन कक्कड़ की शिकायत से हुई थी, जिस पर 4 अप्रैल को केस दर्ज किया गया था।
300 करोड़ रुपए की जमीन का मामला
शिकायत के अनुसार निपानिया क्षेत्र में स्थित सर्वे नंबर 414 की करीब दो हेक्टेयर जमीन, जिसकी कीमत लगभग 300 करोड़ रुपए बताई जा रही है, पर कब्जा करने की कोशिश की गई। यह जमीन उनकी मां नरेंद्र कौर सलूजा, भाई पुष्पेंद्र सलूजा और रणधीर सलूजा के संयुक्त स्वामित्व में है।
शराब दुकान के लिए मांगी थी जमीन
शिकायत में बताया गया कि इस जमीन में से करीब 6000 वर्गफीट हिस्सा सूरज रजक ने एक्ट्रेस के पति ऋषि कक्कड़ से फोन पर शराब दुकान खोलने के लिए किराए पर मांगा था। परिवार द्वारा मना किए जाने के बाद भी रजक ने उनके बड़े भाई से संपर्क किया, लेकिन वहां से भी इनकार मिला।
इसके बावजूद 3 अप्रैल को जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329(3) के तहत मामला दर्ज किया।
जमीन की स्थिति स्पष्ट करने नपती के निर्देश
जमीन विवाद को लेकर पुलिस ने नगर निगम और आईडीए को पत्र लिखकर नपती कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित भूमि निजी है या शासकीय/विकास प्राधिकरण की।
वहीं रजक ने भी पुलिस को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि सलूजा-कक्कड़ परिवार शासकीय जमीन पर कब्जा कर रहा है।
पहले भी दर्ज हो चुका है आपराधिक मामला
करीब सात महीने पहले कनाडिया थाना क्षेत्र में भी सूरज रजक और उनके दो सुरक्षा गार्ड के खिलाफ फायरिंग और मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता अर्पित सिंह गुर्जर और उसके साथी ने आरोप लगाया था कि मामूली विवाद के बाद गाली-गलौज और मारपीट के साथ फायरिंग की गई थी।
क्या होता है बाउंड ओवर?
कानूनी प्रक्रिया में ‘बाउंड ओवर’ का मतलब है कि किसी व्यक्ति को अदालत या प्रशासन द्वारा शांति बनाए रखने और भविष्य में कोई अपराध न करने के लिए पाबंद किया जाता है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एहतियातन यह कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी रहेगी।
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