खबर
Top News

चर्चित हनी ट्रैप जैसे मामले का खुलासा: शराब कारोबारी को कैसे लिया निशाने पर; किस बात की धमकी दी, यह सुंदर महिला फिर क्यों हिरासत में

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 मई 2026, 11:46 am
333 views
शेयर करें:
चर्चित हनी ट्रैप जैसे मामले का खुलासा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में एक बार फिर चर्चित हनी ट्रैप जैसा मामले का खुलासा होने से सनसनी फैल गई है। इस बार निशाने पर एक शराब कारोबारी रहा, जिसे निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर एक करोड़ रुपए की उगाही का दबाव बनाया गया।

मामले में अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी और ड्रग नेटवर्क से जुड़ी महिला अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा को हिरासत में लिया है। सबसे बड़ी बात यह रही कि वर्ष 2019 के बहुचर्चित हनी ट्रैप कांड की प्रमुख किरदार श्वेता जैन को भी भोपाल से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए इंदौर लाया गया।

अलका दीक्षित से हुई थी पहचान
डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी के मुताबिक फरियादी शराब कारोबारी की पहचान कुछ साल पहले द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से हुई थी। अलका ने कारोबारी की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से करवाई, जिसने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए प्रॉपर्टी कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव रखा।

कारोबारी द्वारा प्रस्ताव ठुकराने के बाद कथित तौर पर दबाव और धमकियों का दौर शुरू हुआ। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कारोबारी से कहा कि उसे अलका के साथ 50 प्रतिशत साझेदारी करनी होगी, अन्यथा उसके निजी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।

कथित रूप से रोककर मारपीट
करीब 20 दिन पहले सुपर कॉरिडोर इलाके में कारोबारी को कथित रूप से रोककर मारपीट की गई और गोली मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने एक करोड़ रुपए की मांग करते हुए कहा कि यदि रकम नहीं दी गई तो कारोबारी की सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म कर दी जाएगी। परेशान कारोबारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने गुप्त ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस का “मिशन सीक्रेट”
18 मई की रात पुलिस ने “मिशन सीक्रेट” चलाकर 40 जवानों की सात टीमें बनाई और द्वारकापुरी, पीथमपुर व अन्य ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। तड़के अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप और लाखन चौधरी को हिरासत में ले लिया गया। शाम को भोपाल के मीनाल रेजिडेंसी क्षेत्र से श्वेता जैन को भी पकड़कर इंदौर लाया गया। हालांकि पुलिस ने फिलहाल श्वेता की भूमिका पर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया है।

प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा का नाम सामने आया
पूछताछ और मोबाइल चैट की जांच में इंटेलिजेंस शाखा के प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार अलका और विनोद के बीच लगातार संपर्क था और कारोबारी के निजी फोटो-वीडियो भी साझा किए गए थे।

आरोप है कि विनोद शर्मा ने ही कारोबारी पर दबाव बनाने और धमकाने की रणनीति सुझाई थी। पुलिस ने राजेंद्र नगर स्थित सरकारी क्वार्टर से विनोद शर्मा को हिरासत में लेकर उसका मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है।

पहले से 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अलका दीक्षित पर पहले से 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही और बाद में ड्रग नेटवर्क में भी सक्रिय हो गई। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से प्रभावशाली लोगों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग और उगाही का नेटवर्क चला रहा था। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस पूरे मामले के तार पुराने हनी ट्रैप नेटवर्क से जोड़कर भी जांच कर रही है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!