गैंगस्टर सतीश भाऊ पर केस: खुलासा फर्स्ट की बेखौफ पत्रकारिता का असर; मेमो पर बनाया भाऊ की पत्नी को भी आरोपी
KHULASA FIRST
संवाददाता
प्रतिबंध के बावजूद खजराना मंदिर गर्भगृह में प्रवेश पर आखिरकार हुई कार्रवाई
गर्भगृह में ले जाने वाला आकाश रावत गिरफ्तार
पिछली मर्तबा थाने में इस तरह स्टूल पर बैठा था सतीश भाऊ
खुलासा फर्स्ट।
खुलासा फर्स्ट जनता के लिए, जनता का अखबार है। पहले दिन से ही बेखौफ पत्रकारिता को लेकर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। जनहित में गुंडे-बदमाशों से बिना डरे खुलासा फर्स्ट की कलम जब भी चली, निर्भीकता से ही चली। नतीजा ये हुआ कि बहुत ही कम समय में इस पक्के इंदौरी अखबार ने जनता की आवाज बन जन-जन के दिलों में अपनी पैठ बना ली।
अपनी इसी निर्भीकता को बरकरार रखते हुए कल के अंक में खुलासा फर्स्ट ने शहर के एक रसूखदार गैंगस्टर से बिना डरे अपना पत्रकारिता धर्म निभाया और जनता की आस्था से हुए खिलवाड़ के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। नतीजा ये हुआ कि पुलिस-प्रशासन को झुकना पड़ा और प्रतिबंध के बावजूद खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने वाले गैंगस्टर सतीश भाऊ पर केस दर्ज हुआ।
पुलिस ने सतीश भाऊ और उसकी पत्नी को गर्भगृह में ले जाने वाले गुर्गे आकाश रावत की गिरफ्तारी के बाद उसके मेमो पर आरोपी बनाया है। हालांकि सतीश भाऊ से पहले भी कई लोग गर्भगृह मे प्रवेश कर दर्शन कर चुके है लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हुई है ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि इस वीआईपी कल्चर की परपंरा कब टुटेगी
उल्लेखनीय है कि 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर शहर का कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ शक्ति प्रदर्शन के लिए बीते दो साल से शौर्य यात्रा निकालता आ रहा है। इस मर्तबा भी वह आयोजन कर रहा है। हालांकि उसने अभी तक अनुमति नहीं ली है। चिकमंगलूर चौराहा के पास मैदान से शुरू होने वाली इस यात्रा की अनुमति नहीं ली है, लेकिन बावजूद इसके तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।
11 फरवरी को वह आयोजन का प्रथम निमंत्रण भगवान गणेश को देने पत्नी और गुर्गों सहित खजराना गणेश मंदिर पहुंचा था। इस दौरान उसने प्रतिबंध के बावजूद गर्भगृह में प्रवेश कर पूजा-अर्चना की। इसका वीडियो वायरल होने पर खुलासा हुआ कि उसे गुर्गा आकाश रावत गर्भगृह तक ले गया था।
मामले में संज्ञान लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने मौजूद सिक्युरिटी गार्ड पर कार्रवाई के साथ सिक्युरिटी कंपनी पर जुर्माना लगाया और पुजारियों को चेतावनी दी। परसों के अंक में खुलासा फर्स्ट ने मामले को प्रमुखता से उठाया। नतीजा ये हुआ कि खजराना पुलिस ने मंदिर प्रबंधक घनश्याम शुक्ला की शिकायत पर 15 फरवरी की शाम गुर्गे आकाश पिता मुन्नालाल रावत (39) निवासी गणनायक नगर (खजराना) पर केस (127/26 धारा 223(ए) बीएनएस) दर्ज कर लिया।
हालांकि इसमें भी खेल ये किया कि सतीश भाऊ और उसकी पत्नी नीलम को आरोपी नहीं बनाया। हल्ला मचा और खुलासा फर्स्ट ने कल के अंक में इस मामले को बेखौफ होकर बुलंद आवाज के साथ प्रमुखता से प्रकाशित कर आला अफसरों से सीधे सवाल किए।
आखिरकार अफसरों के निर्देश पर खजराना पुलिस हरकत में आई और न केवल आकाश रावत को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके मेमो पर सतीश भाऊ और उसकी पत्नी नीलम को भी केस में आरोपी बना दिया।
कौन है गुर्गा आकाश रावत
टीआई मनोज सेंधव के अनुसार आकाश रावत प्रॉपर्टी ब्रोकर है। हालांकि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। खजराना मंदिर पर रोजाना आने-जाने के दौरान सिक्युरिटी गार्ड व पुजारी उसे जानते हैं। 11 फरवरी की शाम करीब 7.40 बजे उसने अपने परिचय का फायदा उठाकर दबाव बनाकर अनधिकृत रूप से मंदिर के गर्भगृह में सतीश भाऊ पिता लक्ष्मण राव पवार (51) निवासी चिकित्सक नगर और उसकी पत्नी नीलम को जबरदस्ती प्रवेश कराया था। सूत्रों के अनुसार आकाश खुद को एक पूर्व मंत्री का करीबी बताता है।
अभिरक्षा में लेकर करेंगे कठोर वैधानिक कार्रवाई
आरोपी आकाश रावत के मेमोरेंडम, सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन और मंदिर प्रबंधन साक्षियों के कथनों के आधार पर सतीश उर्फ भाऊ और उसकी पत्नी नीलम को अपराध में शामिल किया है। उन्हें नोटिस देकर बुलाया जाएगा। अभिरक्षा में लेकर पूछताछ के बाद कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -मनोज सेंधव, (टीआई, खजराना थाना)
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