खबर
Top News

सारी मूंग खरीद लो मामा: मोहन ने शिवराज से लगाई गुहार

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 जुलाई 2026, 2:39 pm
शेयर करें:
सारी मूंग खरीद लो मामा

मूंग खरीदी पर पेंच: 25% कोटे से किसान नाराज, सीएम मोहन ने कृषि मंत्री शिवराज से मांगा समाधान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान के समक्ष किसानों की चिंता रखते हुए केंद्र से मूंग खरीद का दायरा बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया प्रदेश सरकार ने शत प्रतिशत मूंग खरीदने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है और पूरी कोशिश है कि फैसला किसानहित में हो। भोपाल में मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषिमंत्री की मुलाकात ऐसे समय हुई, जब मध्य प्रदेश में मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से प्रदेश की पूरी मूंग फसल खरीदने का आग्रह किया, जबकि केंद्र की ओर से अभी 25% खरीदी की स्वीकृति का पत्र दिया गया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस भी केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा रही है। प्रदेश में लगातार मूंग उत्पादक किसान और उनके संगठन भारतीय किसान संघ, किसान मजदूर संगठन, किसान आर्मी और कांग्रेस से जुड़े संगठन बड़े आंदोलन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के लिए यह स्थिति पसोपेश की बन गई है। बताया जा रहा है कि शिवराज से किसान नेताओं की भी मुलाकात हुई। इसमें कहा गया कि केंद्र तो 25% मूंग ही खरीदेगा, शेष राज्य सरकार चाहे तो खरीद ले। इसके बावजूद उन्होंने कहा है कि खरीदी का दायरा बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

...तो 15 लाख टन खुले बाजार में बेचना पड़ेगी... उपलब्ध सरकारी एवं कृषि विभाग के अनुमानों के आधार पर प्रदेश में वर्ष 2026 के ग्रीष्मकालीन मूंग सीजन का अनुमानित उत्पादन लगभग 20 लाख टन माना जा रहा है। यह अनुमान करीब 10 लाख हेक्टेयर में बोई गई फसल पर आधारित है। यदि केंद्र सरकार केवल 25% मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीदती है, तो उसका अर्थ होगा लगभग

कुल अनुमानित उत्पादन 20 लाख टन, 25% संभावित एमएसपी खरीदी लगभग 5 लाख टन। यानी शेष 15 लाख टन मूंग किसानों को खुले बाजार में बेचनी पड़ सकती है, यदि राज्य या केंद्र खरीद का दायरा नहीं बढ़ाते हैं, तो। समर्थन मूल्य लगभग 8800 रुपए है और खुले बाजार में यह लगभग 6500 रुपए क्विंटल ही है।

भाकिसं के नर्मदापुरम संभाग के नेता सर्वेश दीवान ने बताया खुले बाजार में बेचने पर किसानों को भारी नुकसान होगा। यदि केंद्र सरकार द्वारा मूंग नहीं खरीदनी है, तो उसे खुले बाजार और मंडी में समर्थन मूल्य पर खरीदी के आदेश जारी कर देना चाहिए। राज्य सरकार भी यह कर सकती है। सरकार ऐसा क्यों नहीं करती, यह समझ से बाहर है।

गेहूं खरीदी सीमित होने से किसानों को हुआ था नुकसान
गेहूं की खरीदी के मामले में भी केंद्र ने सीमित खरीदी की नीति अपनाई थी, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। हालांकि बाद में खरीदी की सीमा बढ़ाई गई, फिर भी 5 लाख से अधिक किसानों का गेहूं नहीं खरीदा। यही कारण है कि प्रदेश के किसान संगठन 100% मूंग की एमएसपी पर खरीदी की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि सीमित खरीदी से बाजार में कीमतें गिर सकती हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। केंद्र की नीति के कारण खुले बाजार में भाव 1 हजार रुपए लगभग गिर गए तथा अभी और भी नीचे जा रहे हैं। तो क्या यह सरकार की सोची-समझी रणनीति है?

भावांतर पर गेहूं खरीदी की मांग भी यथावत
गेहूं के बाद मूंग की खरीदी को लेकर मोहन सरकार को किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा रहा है। गेहूं में समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का कोटा भी केंद्र ने बहुत कम निर्धारित किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने साहसपूर्ण निर्णय लेते हुए इसे बढ़ाया और निर्धारित सीमा से अधिक गेहूं सरकार ने खरीदा, जबकि करीब 5 लाख किसानों को धोखे में रखते हुए उनका गेहूं नहीं खरीदा।

इन बचे हुए किसानों का गेहूं भावांतर पर सरकार खरीदे, यह मांग भी लगातार बनी हुई है। इसी के साथ मूंग की खरीदी भी आ गई है। सरकार एक हेक्टेयर रकबे में पैदा हुई मूंग का मात्र 25%, यानी लगभग तीन क्विंटल ही खरीदेगी, जबकि एक हेक्टेयर में उत्पादन लगभग 12 से 15 क्विंटल का है।

खरीदी सीमा नहीं बढ़ी तो तेज होगा आंदोलन
अब किसानों की निगाह केंद्र और राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी है कि 25 प्रतिशत की सीमा बढ़ाकर पूरी मूंग खरीदी जाएगी या नहीं।

यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो किसान आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। राज्य सरकार का तर्क है कि यदि केवल 25 प्रतिशत मूंग ही एमएसपी पर खरीदी गई तो बड़ी मात्रा में उपज किसानों को खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ेगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा। इसी कारण प्रदेश सरकार लगातार केंद्र के साथ समन्वय कर खरीद सीमा बढ़ाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से और अपने सरकार के स्तर पर किसानों का नुकसान नहीं होने देना चाहते।

जिम्मेदार केंद्र, दबाव प्रदेश सरकार पर
राजनीतिक दृष्टि से यह मामला केवल कृषि नीति का नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर जिम्मेदारी और नेतृत्व का भी है। किसानों के लिए राज्य सरकार पहला जवाबदेह चेहरा मुख्यमंत्री का होता है, जबकि समर्थन मूल्य पर खरीद की नीति केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित होती है।

ऐसे में यदि खरीद सीमित रहती है, तो राजनीतिक दबाव का सामना न चाहते हुए भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को करना होगा, जबकि इस सबके लिए पूरी तरह से केंद्र जिम्मेदार है। लंबे समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराजसिंह चौहान अब केंद्र में कृषिमंत्री है, इसलिए किसान संगठनों को उनसे भी समाधान की अपेक्षा स्वाभाविक है। यदि केंद्र खरीद का दायरा बढ़ाता है, तो उसका राजनीतिक श्रेय दोनों नेताओं को मिल सकता है।

कोटा बढ़ा तो अधिकतम किसानों को होगा लाभ
इस बीच समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है। स्लॉट बुकिंग, पंजीयन और खरीदी की व्यवस्थाएं जारी हैं, जबकि राज्य सरकार केंद्र से अतिरिक्त अनुमति मिलने की प्रतीक्षा कर रही है। यदि केंद्र खरीद कोटा बढ़ाता है, तो अधिक किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सकेगा।

संबंधित समाचार

पटाखा बाजार में आवंटन से पहले निर्माण
Top News

पटाखा बाजार में आवंटन से पहले निर्माण:नियम अनुमति और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल

6 minutes ago
मुस्लिमों ने घर में घुसकर ऑटो चालक की बल्ली से की पिटाई
Indore

मुस्लिमों ने घर में घुसकर ऑटो चालक की बल्ली से की पिटाई:पंडाल में माताजी का बैनर लगाने को लेकर बवाल

14 minutes ago
किराना दुकानदार पर  छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप
Top News

किराना दुकानदार पर छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप:‘आई लव यू’ लिखा पेन देने के बाद हाथ दबाने की शिकायत

22 minutes ago
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
Top News

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप:इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती; पुलिस ने केस दर्ज किया

28 minutes ago
करोड़ों का कोई दावेदार नहीं
Top News

करोड़ों का कोई दावेदार नहीं:इतने लाख खातों की राशि अब भी अनक्लेम्ड

35 minutes ago
बॉयफ्रेंड से विवाद के बाद छात्रा की मौत
Top News

बॉयफ्रेंड से विवाद के बाद छात्रा की मौत:हत्या की आशंका

39 minutes ago
कौन बोले- गरबा में मुस्लिम युवाओं का जाना हराम
Top News

कौन बोले- गरबा में मुस्लिम युवाओं का जाना हराम:अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं के प्रति जागरूक रहें

44 minutes ago
35 साल से न्याय का इंतजार
Top News

35 साल से न्याय का इंतजार:अब आईडीए दफ्तर में डेरा डालेंगे प्लॉट धारक

about 1 hour ago
कहीं हड़ताल करते तो कहीं सफाई करते दिखाई दिए सफाईकर्मी
Top News

कहीं हड़ताल करते तो कहीं सफाई करते दिखाई दिए सफाईकर्मी:आंदोलनकारी सफाई मित्रों को कांग्रेस का मिला साथ

about 1 hour ago
‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ ट्रेंड पर विवाद
Top News

‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ ट्रेंड पर विवाद:पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से बचने की दी चेतावनी; संत समाज और हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी

about 1 hour ago
कम बारिश से जलसंकट की चिंता
Top News

कम बारिश से जलसंकट की चिंता:इस नदी के सहारे यशवंत सागर भरने की तैयारी; नए बोरिंग पर लग सकता है प्रतिबंध

about 1 hour ago
बच्चों के पसंदीदा चॉकलेट-चिप्स पर निगरानी कितनी पुख्ता
Top News

बच्चों के पसंदीदा चॉकलेट-चिप्स पर निगरानी कितनी पुख्ता:कन्फेक्शनरी फैक्ट्रियों में बार-बार मिल रही खामियां

about 1 hour ago
सुप्रसिद्ध अभिनेता के निधन पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक
Top News

सुप्रसिद्ध अभिनेता के निधन पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक:बोले; कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति

about 1 hour ago
पैक्ड घी के इतने सैंपल फेल
Top News

पैक्ड घी के इतने सैंपल फेल:इतने में तय सीमा से इतने गुना ज्यादा सीसा; हजारों लीटर माल बाजार पहुंचने का अनुमान

about 2 hours ago
पीजी डॉक्टर प्रताड़ना मामला
Top News

पीजी डॉक्टर प्रताड़ना मामला:इतनी सीनियर छात्राएं इतने दिन के लिए निलंबित

about 2 hours ago
छीपा बाखल में कचरे के ढेर में मिली एक्सपायर्ड दवाइयां
Top News

छीपा बाखल में कचरे के ढेर में मिली एक्सपायर्ड दवाइयां:कुपोषण मिटाने और दस्तक अभियान की सिरप सड़कों पर फेंकी; स्वास्थ्य विभाग ने पंचनामा बनाकर शुरू की जांच

about 2 hours ago
बस ने बाइक सवारों को कुचला
Top News

बस ने बाइक सवारों को कुचला:इतने लोगों की मौत; एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल

about 2 hours ago
आवाज, आक्रोश और जमीनी संवेदना का अवसान
Top News

आवाज, आक्रोश और जमीनी संवेदना का अवसान:नाना पाटेकर

about 2 hours ago
देखिए वीडियो, सीईसी के इस्तीफे की मांग पर आज फिर विपक्ष का प्रदर्शन
Top News

देखिए वीडियो, सीईसी के इस्तीफे की मांग पर आज फिर विपक्ष का प्रदर्शन:इस पार्टी के अध्यक्ष ने सांसदों को लंच पर बुलाया; इन सांसदों पर नई एफआईआर के बाद बढ़ा विवाद

about 2 hours ago
अपना घर गंदा न करें
Indore

अपना घर गंदा न करें:नंबर वन शहर की सड़कों को बंधक बनाकर हक मांगना कितना न्यायसंगत

about 2 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!