बीआरटीएस टूटा नहीं: कैसे बनेगा एलीवेटेड कॉरिडोर; 4 वर्ष पूर्व 306.27 करोड़ रुपए का हुआ ठेका
KHULASA FIRST
संवाददाता

आदित्य शुक्ला 98260-63956 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एबी रोड के बीआरटीएस को नगर निगम अब तक तोड़ या तुड़वा नहीं सका, जबकि एलआईजी चौराहा से नौलखा चौराहा तक एलीवेटेड कॉरिडोर का निर्माण करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस एलीवेटेड कॉरिडोर की लंबाई करीब 7.40 किलोमीटर होगी।
इसमें मुख्य कॉरिडोर 6.6 किमी का होगा। एलिवेटेड कॉरिडोर पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित कराया जा रहा है। इसके चलते पीडब्ल्यूडी विभाग करीब चार साल पहले 17 फरवरी 2021 को इसके निर्माण का ठेका मेसर्स राजकमल बिल्डर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रालि गुजरात को 306.27 करोड़ रुपए में दिया था।
इस 7.40 किमी लंबे कॉरिडोर में 6.6 किमी का हिस्सा मेन कॉरिडोर का रहेगा और इसकी 3 भुजाएं गिटार तिराहा, रतलाम कोठी और व्हाइट चर्च की तरफ उतरेंगी। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक ठेकेदार फर्म ने कैम्पस के साथ-साथ प्लांट, मशीनरी भी तैयार कर ली है सेंटर लाइन मार्किंग का काम भी जारी है। बीआरटीएस हटाने के बाद अब इस कॉरिडोर के माध्यम से एबी रोड का 60 फीसदी ट्रैफिक इस पर से गुजरेगा, जिससे नीचे का जो वर्तमान रोड है, उस पर ट्रैफिक का दबाब कम होगा।
बाधक पाइप लाइनें
एबी रोड पर बीआरटीएस का निर्माण करते समय नर्मदा पानी और ड्रेनेज पाइप लाइनें बिछाई गई थीं। प्रत्येक चौराहे पर पाइप लाइनें क्रॉस की गईं। अब एलीवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होने से पहले निगम को ये पाइप लाइनें शिफ्ट करनी होंगी, जिसकी कोई योजना निगम ने नहीं बनाई है। इससे यह कहा जाने लगा है कि निगम बीआरटीएस कॉरिडोर तो तोड़ नहीं सका, उसकी इस लापरवाही के चलते अब एलीवेटेड कॉरिडोर का निर्माण अटक सकता है।
फोरलेन एलीवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 6.6 किलोमीटर
बढ़ेगी लागत: बताया जाता है कि पीडब्ल्यूडी ने एलीवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट की लागत करीब 350 करोड़ रुपए आंकी थी। इसके चलते चार साल पहले ही इसका ठेका दे दिया था, लेकिन बीआरटीएस कॉरिडोर और अन्य तकनीकी कारणों से निर्माण शुरू नहीं हो सका। अब बीआरटीएस तोड़ने का निर्णय लिया गया तो फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया।
इससे एलआईजी से नौलखा तक एलीवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई, लेकिन यह माना जा रहा है कि चार साल का समय बीतने से एलीवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की लागत बढ़ गई। इससे इसके निर्माण पर अतिरिक्त राशि खर्च होगी।
सुधरेगा यातायात: गौरतलब है एबी रोड की चौड़ाई 30 मीटर है। कॉरिडोर निर्माण के लिए जो पिलर बनेंगे, उसके लिए तीन मीटर जगह लगेगी, जिससे एलीवेटेड कॉरिडोर बन जाएगा और एबी रोड पर सिक्सलेन में ट्रैफिक भी चलने लगेगा। नए एबी रोड की चौड़ाई मास्टर प्लान में 60 मीटर (लगभग 200 फीट) तय की गई है।
एलआईजी से नौलखा तक बनाए जाने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर की एक भुजा गिटार तिराहा पर उतरेगी, जिससे रिंग रोड से खजराना, बंगाली चौराहा, साकेत की तरफ से आने वाला ट्रैफिक नौलखा चौराहा, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एनएच-3 की तरफ सुगमता से चल सकेगा।
वहीं दूसरी भुजा गीता भवन चौराहा पर रतलाम कोठी की ओर मधुमिलन चौराहा तरफ उतरेगी, जिससे नौलखा की तरफ से आने वाले यातायात को मधुमिलन चौराहा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की तरफ जाने के लिए सुगमता होगी। इसके अलावा जीपीओ, शिवाजी वाटिका की ओर ट्रैफिक डायवर्ट होगा।
इससे एमवाय अस्पताल चौराहा पर लगने वाले यातायात जाम से छुटकारा मिलेगा। इसी तरह तीसरी भुजा शिवाजी वाटिका चौराहा पर व्हाइट चर्च की ओर पीपल्याहाना जाने वाले रास्ते की तरफ उतरेगी, जिससे पीपल्याहाना और रिंग रोड की तरफ से नौलखा, बस स्टैंड या अन्य जगह आवाजाही सहज होगी।
वर्तमान में शिवाजी वाटिका चौराहा पर सबसे अधिक समय लगता है। यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति लगातार रहती है। उससे इस एलिवेटेड कॉरिडोर से राहत मिलेगी। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक इस कॉरिडोर का भूमिपूजन मुख्यमंत्री द्वारा 17 जनवरी 2024 को किया गया था। इसके चलते अब इसका निर्माण शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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