बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार: असम में लगातार तीसरी जीत; तमिलनाडु में विजय की ऐतिहासिक एंट्री, केरल में कांग्रेस की वापसी, अब लेफ्ट सरकार देश में कहीं नहीं
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, दिल्ली।
देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों ने भारतीय राजनीति का नक्शा बदल दिया है। इन चुनावों में जहां कुछ राज्यों में सत्ता परिवर्तन हुआ, वहीं कुछ में सत्ताधारी दलों ने मजबूती से वापसी की। सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में देखने को मिला।
बंगाल में ममता युग का अंत, भाजपा की ऐतिहासिक एंट्री
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने पहली बार सरकार बनाकर इतिहास रच दिया। पार्टी ने 3 सीटों से छलांग लगाकर 200 से ज्यादा सीटें जीत लीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 के आसपास सिमट गई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद चुनाव हार गईं, साथ ही उनके 12 मंत्री भी पराजित हुए। भाजपा ने लगभग 70% स्ट्राइक रेट के साथ चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन किया। राज्य के उत्तर से दक्षिण तक पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाई।
इस जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर है। पार्टी ने बिना चेहरे के चुनाव लड़ा था, ऐसे में सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, दिलीप घोष जैसे नाम चर्चा में हैं। महिला मुख्यमंत्री की संभावना भी जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आक्रामक प्रचार का बड़ा असर देखने को मिला। उन्होंने 240 से ज्यादा सीटों पर प्रचार किया, जिनमें से बड़ी संख्या में भाजपा को जीत मिली।
वोट शेयर और रणनीति ने बदला खेल
भाजपा का वोट शेयर करीब 7.5% बढ़ा, जबकि टीएमसी का उतना ही घटा। ‘पन्ना प्रमुख’ रणनीति, बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट और कल्याणकारी योजनाओं के मुकाबले बेहतर वादों ने भाजपा को बढ़त दिलाई।
तमिलनाडु में 59 साल बाद बड़ा बदलाव
तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए DMK और AIADMK जैसी पुरानी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया। 108 सीटें जीतकर उनकी पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरी। यह 1967 के बाद पहली बार होगा जब राज्य में DMK या AIADMK के अलावा कोई अन्य पार्टी सरकार बनाएगी।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन चुनाव हार गए, जबकि उनके कई मंत्री भी पराजित हुए। विजय की पार्टी ने करीब 46% स्ट्राइक रेट के साथ पूरे राज्य में प्रभाव दिखाया, खासकर उत्तर और तटीय इलाकों में।
असम में भाजपा की हैट्रिक
असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर अपनी पकड़ मजबूत की। पार्टी ने 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। सबसे खास बात यह रही कि सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा यह एक दुर्लभ रिकॉर्ड है। भाजपा ने अपर असम और बराक वैली में क्लीन स्वीप किया, जबकि कांग्रेस केवल लोअर असम तक सीमित रह गई।
केरल में कांग्रेस की वापसी, लेफ्ट का सफाया
केरल में 10 साल बाद कांग्रेस नीत यूडीएफ की सत्ता में वापसी हुई है। इसके साथ ही देश में अब कहीं भी लेफ्ट की सरकार नहीं बची यह लगभग 50 साल में पहली बार हुआ है। हालांकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी सीट जीतने में सफल रहे, लेकिन उनकी सरकार के 13 मंत्री हार गए।
कांग्रेस ने 55% से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ शानदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री पद के लिए वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और सनी जोसेफ जैसे नाम चर्चा में हैं।
पुडुचेरी में रंगासामी की वापसी
पुडुचेरी में एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी पार्टी AINRC ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर 75% स्ट्राइक रेट हासिल किया। भाजपा ने भी 4 सीटें जीतकर गठबंधन को मजबूती दी।
इन चुनावों ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय राजनीति में मतदाता अब तेजी से बदलाव के मूड में हैं। बंगाल और तमिलनाडु में बड़े उलटफेर, असम में स्थिरता और केरल में सत्ता परिवर्तन ये सभी संकेत देते हैं कि क्षेत्रीय समीकरणों के साथ-साथ राष्ट्रीय रणनीतियां भी निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। आने वाले समय में इन राज्यों के राजनीतिक फैसले राष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकते हैं।
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