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झुग्गी के 46 बच्चों के बनेंगे जन्म प्रमाणपत्र: कलेक्टर ने खिलाई टॉफियां; जनसुनवाई में पहुंचे थे स्लम बस्ती के बच्चे

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 मई 2026, 2:34 pm
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झुग्गी के 46 बच्चों के बनेंगे जन्म प्रमाणपत्र

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कल जनसुनवाई में बिजासन मंदिर के सामने झुग्गियों में रहने वाले बच्चे पहुंचे जिन्होंने बताया कि उनका जन्म घर में हुआ जिसके कारण उनका जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। इस पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने उन्हें पास में बैठाकर टॉफियां खिलाई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां निवास है, वहीं शिविर लगाकर न केवल उनके जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाएं बल्कि स्कूल में प्रवेश भी कराया जाए।

इन बच्चों की संख्या 46 थी, जिन्हें भाराछांस के नगराध्यक्ष रजत पटेल और सामाजिक कार्यकर्ता मोहितसिंह चौहान लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि ये बच्चे बिजासन माता मंदिर के सामने झुग्गियों में रहते हैं।

इनके जन्म प्रमाण पत्र के लिए एक वर्ष से कोशिश कर रहे हैं लेकिन इनका जन्म घर में होने से अस्पताल से जानकारी नहीं मिल पा रही है। बच्चों को कलेक्टर शिवम वर्मा ने बच्चों को अपने पास बैठाया और अधिकारियों को बुलाकर निर्देश दिए कि इन च्चों के लिए शिविर लगाए जाएं और जन्म प्रमाण पत्र बनवाएं जाएं। इनके स्कूलों में प्रवेश कराने की भी व्यवस्था की जाए।

उनके अलावा, जनसुनवाई में बोहरा समाज के लोग शेख ताहा के नेतृत्व में पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा को शॉल पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि बुरहानुद्दीन महूवाला नामक व्यक्ति बीमार अवस्था में लावारिस हालत में सडक़ पर मिले थे।

जिसके बाद जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें वृद्धाश्रम में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके लिए वे आभार जताने आए हैं। माया मोइन के उपचार की व्यवस्था होने पर क्षेत्रीय रहवासी जनसुनवाई में पहुंचे और माला पहनाकर कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया।

रहवासी पवन पांचाल ने बताया कि उनके लीवर में गांठ थी तथा आर्थिक तंगी के कारण उनका उपचार संभव नहीं हो पा रहा था। जनसुनवाई में मामला सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर डेढ़ लाख रुपए के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था की गई।

एक-दो दिन में उसका ऑपरेशन कराया जाएगा। अन्य प्रकरण में एक बालिका को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दो लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई। वे किडनी की गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं तथा उनकी माताजी उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करेंगी। सहायता मिलने के बाद परिजनों ने जनसुनवाई में पहुंचकर मिठाई भेंट कर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इनके अलावा, कई समस्याएं लेकर लोग आए जिनका अधिकरियों ने निदान किया।

लगी कूलिंग बैंच, लोगों को गर्मी नहीं लगेगी
कलेक्टोरेट आने वाले लोगों को अब भीषण गर्मी के मौसम में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था, शीतल पेयजल, कुलर एवं मिस्ट कूलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

इसके साथ ही, कुलिंग बैंच भी लगाई गई है जिस पर बैठकर लोगों को गर्मी का अहसास नहीं होगा। कलेक्टर ने कल इसका निरीक्षण किया और पाया कि ये बैंच बेहद उपयोगी साबित होगी। इस बैंच को लगाने वाले अजीज खान ने बताया कि ये बैंच खर्चीली नहीं है क्योंकि इसमें छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं।

इसमें नीचे की ओर एक हजार लीटर पानी भरा गया है जो 7 से 10 दिनों तक चलेगा। इसमें बैठकर ठंडक का अहसास होगा। उन्होंने बताया कि ये कूलिंग बैंच हमने पहली बार इंदौर में लगाई है जिसमें बिजली-पानी का कोई खास खर्च नहीं है। वे देश के कुछ राज्यों में भी ये बैंच लगा चुके हैं।

अब हम सिंहस्थ के दौरान इस बैंच को लगाने की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि वो गर्मी के मौसम में होगा और करोड़ों लोग आएंगे लेकिन हमारी कोशिश होगी कि लोग गर्मी से परेशान न हों। कल कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल पर लोगों को एसी कक्ष में भी बैठाया गया ताकि उन्हें सहज एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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