केंद्रीय जांच ब्यूरो का बड़ा खुलासा: मामला पद्मश्री महिला से इतने करोड़ की धोखाधड़ी का; जानिये किसने बदला मोबाइल नंबर, राशि की ट्रांसफर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी जनक पलटा मगलिगिन के साथ 23.47 लाख रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि बैंक कर्मचारी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल दिया और पूरी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी।
सीबीआई के अनुसार, यह घटना 1 जून 2020 की है। उस समय जनक पलटा के बैंक खाते में 23.47 लाख रुपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा थे। आरोपी दिनेश डोंगरे, जो उस समय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बिचौली मर्दाना शाखा में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था, ने अपनी बैंक आईडी का दुरुपयोग करते हुए खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदल दिया, ताकि ट्रांजेक्शन की जानकारी खाताधारक तक न पहुंचे।
इसके बाद आरोपी ने राशि को पहले पंकज जीनवाल के खाते में ट्रांसफर किया। इस खाते में भी उसने अपना मोबाइल नंबर लिंक कर दिया। बाद में यह रकम चंदन जीनवाल के खाते में भेजी गई, जहां से पूरी राशि निकाल ली गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिनेश डोंगरे ने इस रकम का उपयोग अपने गोल्ड लोन का भुगतान करने में किया, जबकि चंदन जीनवाल ने पैसे को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दिया।
मामले में सीबीआई ने दिनेश डोंगरे और चंदन जीनवाल को गिरफ्तार किया था। हालांकि, 29 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी यह साबित नहीं कर पाई कि आरोपियों ने जांच में सहयोग नहीं किया या उनकी हिरासत जरूरी है। समन जारी होने पर आरोपी स्वयं जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित हुए थे।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 25-25 हजार रुपए के मुचलके पर सशर्त जमानत देने के आदेश दिए हैं। सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
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