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गवाह बना…तो मिली सजा: 307 केस में बयान नहीं बदला; मंदिर से लौटते वक्त किया हमला

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 मई 2026, 5:54 pm
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गवाह बना…तो मिली सजा

मां के सामने मारपीट, पत्थरबाजी और तलवार दिखाकर जान से मारने की दी गई धमकी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गवाह कैसे बना तू… अब बताते हैं गवाही कैसे बदलते हैं… यह आरोप है महू के कोदरिया निवासी प्रणय पिल्लै का, जिसने दोस्त के एक पुराने 307 के मामले में गवाह बनने की कीमत खुद हमले और पुलिसिया अनसुनी के रूप में चुकाया।

आरोप है कि पहले मंदिर से लौटते समय उस पर, उसकी मां और दोस्तों पर हमला हुआ, हमले पर जवाब दिया दोनों पक्ष थाने पहुंचे तो पुलिस ने शिकायत लेने के बजाय समझौते की बात कही। बाद में दूसरे पक्ष की शिकायत पर उसी के खिलाफ केस दर्ज हो गया।

जानकारी के अनुसार पिल्लै ने पुलिस अधिकारियों को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि वह एक पुराने आपराधिक मामले में गवाह था। मामला वर्ष 2025 में दर्ज हुए 307 के केस से जुड़ा है, जिसमें उसके दोस्त अमन शुक्ला पर तलवार और हॉकी से हमला होने का मामला दर्ज हुआ था।

उस केस में आरोपी पक्ष लगातार उस पर गवाही बदलने का दबाव बनाता रहा, लेकिन उसने बयान बदलने से इनकार कर दिया।

यही इनकार अब उसके लिए नई मुसीबत बन गया। प्रणय 16 मई 2026 को अपनी मां और चार दोस्तों के साथ शनि मंदिर दर्शन करने गया था। लौटते वक्त रास्ते में जय तोमर, अभिजीत तोमर, सुमित तोमर और एक अन्य युवक ने उसे घेर लिया।

आज बच गया… अगली बार मिला तो खत्म कर देंगे
हमलावरों ने पुरानी रंजिश निकालते हुए कहा पहले 307 के केस में गवाही बदलने को बोला था, तू नहीं माना… अब बताते हैं तुझे गवाही कैसे बदलते हैं। इसके बाद कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू हुई।

विरोध करने पर मारपीट हुई। बीच-बचाव करने आई उसकी मां और दोस्तों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। विवाद बढ़ने पर उन पर पत्थर फेंके और तलवार निकालकर हमला किया। वह किसी तरह बच निकला।

घटनास्थल पर भीड़ जुटने लगी तो आरोपी कथित तौर पर धमकी देकर चले गए कि आज बच गया… अगली बार मिला तो खत्म कर देंगे। घटना के दौरान हमारी तरफ से भी जवाब दिया गया था। प्रणय के मुताबिक आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों में केस दर्ज हैं।

मामले का सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर महू थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी। बल्कि यह कहते हुए समझौते की सलाह दी कि सामने वाला शिकायत नहीं कर रहा था तो तुम क्यों मामला बड़ा कर रहे हो।

प्रणय का कहना है कि उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की गई। जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो उसने आईजी ऑफिस तक शिकायत पहुंचाई, लेकिन वहां भी उसे राहत नहीं मिली।

उसकी शिकायत पर कार्रवाई के बजाय पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर उसी और उसके साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

यह था पुराना मामला, जहां बना था गवाह
पिल्लै के मुताबिक विवाद 15 अगस्त 2025 की उस घटना से जुड़ा है, जिसमें उसके दोस्त अमन शुक्ला ने महू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि डाक बंगले के पास पुराने विवाद को लेकर सुमित तोमर, जय तोमर, अभिजीत तोमर और कमल तोमर ने अमन, प्रणय और उसके दोस्तों को रोक लिया था।

विवाद बढ़ने पर तलवार और हॉकी से हमला किया गया। अमन के सिर और हाथ में चोट आई थी।।उस मामले में मैं प्रत्यक्षदर्शी और गवाह बना था। उसी गवाही का भुगतान मुझे हमले, धमकियों और पुलिसिया कार्रवाई के रूप में करना पड़ रहा है।

यहां तक कि मेरी प्रतिष्ठा के साथ भी हमलावरों द्वारा खेला जा रहा हैं, क्योंकि वह लोकल यू-ट्यूबरों के माध्यम से मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं हाई कोर्ट अभिभाषक संघ का सदस्य हूं।

जब मेरे साथ इस प्रकार की घटना हो रही है तो आमजन के साथ किस प्रकार का पुलिसिया व्यावहार होता होगा, समझ सकते हैं। मामले को लेकर आज अभिभाषक संघ के साथ आला अधिकारियों को शिकायत की जाएगी।

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