भगोरिया में ‘औकात’ की जंग: उमंग के सवाल, कैलाश की चुप्पी
KHULASA FIRST
संवाददाता

कैबिनेट बैठक छोड़ मांदल की थाप पर थिरके विजयवर्गीय, बेटे आकाश की अति-सक्रियता ने सियासी गलियारों में छेड़ी नई बहस
खुलासा फर्स्ट, आलीराजपुर/बड़वानी।
प्रदेश की सियासत में ‘औकात’ शब्द का बवंडर अब विधानसभा की चारदीवारी से निकलकर आदिवासियों के पारंपरिक भगोरिया मेले तक जा पहुंचा है। सोमवार को आलीराजपुर में टेसू के फूलों की लाली और मांदल की थाप के बीच उस वक्त राजनीतिक तल्खी चरम पर दिखी, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आमना-सामना हुआ। इस दौरान उत्सव की मिठास के बीच सियासी दांव-पेंच और सवालों ने माहौल को गरमा दिया।
जैसे ही दोनों दिग्गज आमने-सामने आए, सिंघार ने विधानसभा के बजट सत्र से जारी विवाद को हवा देते हुए विजयवर्गीय से सवाल किया कि क्या वे यहां आदिवासियों को उनकी औकात दिखाने आए हैं या अपने पुराने बयानों पर माफी मांगने?
हालांकि विजयवर्गीय ने उस वक्त खुद को संयम में रखा और केवल इतना कहकर बात टाली कि वे यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि उत्सव का आनंद लेने आए हैं, लेकिन इस संक्षिप्त मुलाकात ने यह साफ कर दिया कि विधानसभा की कड़वाहट अभी कम नहीं हुई है।
इस विवाद के बीच एक बड़ा सवाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट बैठक को लेकर भी खड़ा हो गया। जिस वक्त बड़वानी में सरकार की अहम कैबिनेट बैठक चल रही थी, उसी समय मंत्री विजयवर्गीय आलीराजपुर के भगोरिया उत्सव में मांदल बजा रहे थे।
कैबिनेट बैठक के बजाय मेले में शामिल होने के विजयवर्गीय के इस फैसले ने प्रशासनिक गलियारों और सोशल मीडिया पर कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। लोग इस गैरमौजूदगी को सत्ता के भीतर चल रही खींचतान और प्राथमिकता के तौर पर देख रहे हैं।
राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र केवल कैलाश ही नहीं, बल्कि उनके बेटे पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी बने हुए हैं। इंदौर की जिस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान में कैलाश विजयवर्गीय कर रहे हैं, वहां आकाश की अत्यधिक सक्रियता ने जनता के बीच एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।
सोशल मीडिया पर लोग यह पूछने लगे हैं कि क्षेत्र की जनता ने अपना प्रतिनिधि कैलाश विजयवर्गीय को चुना है या उनके बेटे को! पिता की अनुपस्थिति में क्षेत्र के कामकाज और कार्यक्रमों में आकाश का बढ़ता दखल अब चर्चा का विषय बन गया है, जो आने वाले समय में जिले की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।
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