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एयरपोर्ट फनल एरिया में पुलिस आवास निर्माण पर रोक: बिना अनुमति हो रहा था निर्माण

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मई 2026, 5:40 pm
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एयरपोर्ट फनल एरिया में पुलिस आवास निर्माण पर रोक

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एरोड्रम थाने के पीछे पुलिस विभाग द्वारा बनाई जा रही आवासीय मल्टी पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। एयरपोर्ट फनल क्षेत्र में शुरू किए गए इस निर्माण कार्य को लेकर एयरपोर्ट विभाग ने शिकायत करते हुए गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। जांच के बाद निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

जिस क्षेत्र में पुलिस विभाग मल्टी निर्माण कर रहा था, वह एयरपोर्ट के फनल एरिया में आता है। नियमों के तहत इस क्षेत्र में 10 फीट से अधिक ऊंचाई के पेड़ तक लगाने की अनुमति नहीं होती, जबकि यहां बहुमंजिला आवासीय निर्माण किया जा रहा था। आरोप है कि पुलिस विभाग ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से आवश्यक अनुमति लिए बिना ही करोड़ों रुपए की इस योजना पर काम प्रारंभ कर दिया।

तकनीकी जांच में शिकायत सही निकली- मामले की शिकायत मिलने के बाद एयरपोर्ट विभाग की स्थानीय तकनीकी शाखा के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण किया, जिसके बाद निर्माण कार्य तत्काल रोकने के आदेश जारी किए गए। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस विभाग ने निर्माण रोक दिया है और अब अनुमति प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

भविष्य की जरूरत के लिए आरक्षित थी जमीन- सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि को रिजर्व रखा गया था, ताकि भविष्य में एयरपोर्ट रोड निर्माण के दौरान तकनीकी आवश्यकता पड़ने पर एरोड्रम थाने को पीछे शिफ्ट किया जा सके। ऐसे में इस जमीन पर स्थायी बहुमंजिला निर्माण शुरू किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में- मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एयरपोर्ट फनल क्षेत्र जैसी संवेदनशील जगह पर बिना तकनीकी परीक्षण और आवश्यक अनुमति के करोड़ों रुपए की योजना कैसे स्वीकृत हुई? अब इस बात की भी जांच की मांग उठ रही है कि किन अधिकारियों ने बिना वैधानिक अनुमति के निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी दी और काम शुरू कराया।

एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील ने बताया एयरपोर्ट की जमीन पर निर्माण कार्य के लिए संबंधित को एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके बाद ही निर्माण की वैध प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। अभी तक उक्त मामले कोई एनओसी जारी नहीं हुई है।

निजी खर्च पर विकसित हुआ था खेल मैदान

स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थान लंबे समय तक उजाड़ और बदहाल था। बाद में स्थानीय निवासी एडवोकेट प्रमोद कुमार द्विवेदी ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौखिक सहमति से अपने खर्चे पर इसे बच्चों के खेल मैदान के रूप में विकसित कराया था। आरोप है कि कांग्रेस सरकार गिरने के बाद राजनीतिक दबाव में इस खेल मैदान को हटाकर जमीन खाली कराई गई और बाद में यहां पुलिस आवासीय मल्टी का निर्माण शुरू कर दिया गया।


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