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उत्तराखंड में दो दिन भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 मई 2026, 6:09 pm
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उत्तराखंड में दो दिन भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी करते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।

विभाग के अनुसार इन दो दिनों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने खास तौर पर चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग के मुताबिक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। कई स्थानों पर तेज गर्जना के साथ बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

चारधाम यात्रा मार्गों विशेषकर केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले पर्वतीय रास्तों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में यात्रियों को बेहद सावधानी के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है।

गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।

यात्रा के दौरान प्रशासन, पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

आयुक्त ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सड़क, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पुलिस और विद्युत विभागों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, रेनकोट, जरूरी दवाइयां और पर्याप्त खाद्य सामग्री साथ रखें।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रुकने और अनावश्यक जोखिम न लेने की भी अपील की गई है।

प्रशासन को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं के सहयोग, सतर्कता और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों के पालन से चारधाम यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू रूप से जारी रहेगी।

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