फाइल मंगवाकर रेंजर-एसडीओ को करेंगे तलब: डीएफओ ने रेंजर की मनमानी पर लिया एक्शन; अवैध लकड़ी छोड़ने के मामले में सौदेबाजी का मामला
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
वन मंडल में रेंजर संगीता ठाकुर द्वारा अवैध लकड़ी माफियाओं को दिए गए संरक्षण और अपने उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का खेल अब उनके लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। जिला वन मंडल अधिकारी लाल सुधाकर सिंह ने इस पूरे भ्रष्टाचार के प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित फाइल मंगवाने की बात कही है।
डीएफओ ने स्पष्ट किया है कि वे स्वयं फाइल की गहन जांच करेंगे और इस सिलसिले में रेंजर संगीता ठाकुर तथा एसडीओ अमित सोलंकी तलब होंगे। रेंजर द्वारा डीएफओ को दी गई झूठी और भ्रामक जानकारी का अब खुलासा होगा।
डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि रेंजर संगीता ठाकुर ने जिस तरह से अवैध लकड़ी से लदे ट्रक (यूपी 32 टीएन 0636) को नियमों को ताक पर रखकर छोड़ा और विभाग को अंधेरे में रखा, वह पूरी तरह अक्षम्य है।
मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीएफओ ने दोनों अधिकारियों को तलब करने के निर्देश दिए हैं। डीएफओ ने आश्वासन दिया है कि फाइल के अवलोकन और पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि रेंजर ने गलत तथ्यों के आधार पर गुमराह किया है तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दफ्तर में बैठकर ही क्लीन चिट दे दी... रेंजर ठाकुर की संदिग्ध भूमिका ने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। जहां वन विभाग का कर्तव्य माफियाओं के खिलाफ सख्त होना था, वहीं रेंजर ने मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन तक करना उचित नहीं समझा और दफ्तर में बैठकर ही क्लीन चिट देने के काले कारनामे को अंजाम दे दिया।
डीएफओ द्वारा फाइल मंगवाने की बात और रेंजर-एसडीओ को तलब किए जाने के निर्देश से रेंजर संगीता ठाकुर की मुश्किलें बढ़ना तय है।
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