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दो करोड़ का समझौता कर हाई कोर्ट में बयान होते ही मुकर गया: यहां भी मास्टर माइंड निकला भूमाफिया जितेंद्र सेन उर्फ पटेल

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 मई 2026, 3:37 pm
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दो करोड़ का समझौता कर हाई कोर्ट में बयान होते ही मुकर गया

वृद्धा का सनसनीखेज आरोप- भाई समेत तीन लोगों ने रची धोखाधड़ी की साजिश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बेटमा थाना क्षेत्र की ग्राम धन्नड़ की बेशकीमती जमीन का कब्जा हथियाने के लिए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विष्णु बमबम को सुपारी देने वाले भूमाफिया जीतू उर्फ जितेंद्र सेन उर्फ पटेल के खिलाफ नया खुलासा हुआ है।

ये धोखाधड़ी का आदतन अपराधी है। इसने भोपाल की एक वृद्धा और उसके भाई की कसरावद की करोड़ों की एक पैतृक संपत्ति के विवाद में मास्टर माइंड की भूमिका निभाते हुए वृद्धा से धोखाधड़ी की थी।

भोपाल निवासी 70 वर्षीय सुखदा उर्फ अरुणा तिवारी ने अपने ही भाई विपिन तिवारी और भूमाफिया जीतू उर्फ जितेंद्र सेन उर्फ पटेल सहित तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

महिला का दावा है कि दो करोड़ रुपए में पैतृक संपत्ति का समझौता तय हुआ।

उनसे हाई कोर्ट में बयान तक करवा लिए गए, लेकिन बाद में आरोपियों ने रकम देने से साफ इंकार कर दिया। पीड़िता ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए तुकोगंज थाने में शिकायत दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की थी, हालांकि दो साल बाद भी पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

पिछले दिनों खुलासा फर्स्ट ने धन्नड़ की गौरव मूंगड़ की कब्जे की जमीन को हथियाने पहुंचे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विष्णु बमबम को लेकर खबरें प्रकाशित की थी। बताया था कि किस तरह विष्णु बमबम ने भूमाफिया जीतू उर्फ जितेंद्र सेन उर्फ पटेल से सुपारी लेकर जमीन के चौकीदार युवराज डाबी के सीने पर बंदूक अड़ाकर जातिसूचक गालियां देते हुए गोली मारकर गाड़ने की धमकी दी थी।

मामले में शिकायत पर भी बेटमा पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद जितेंद्र सेन उर्फ पटेल की शिकार एक पीड़िता के परिजन सामने आ गए। उन्होंने बताया कि भोपाल निवासी सुखदा उर्फ अरुणा तिवारी और उनके भाई विपिन तिवारी के बीच स्वर्गीय बाबूराव तिवारी की संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

मामला मंडलेश्वर कोर्ट में पहुंचा, जहां 19 अक्टूबर 2013 को अदालत ने फैसला सुनाते हुए महिला को पैतृक संपत्ति में आधे हिस्से का अधिकार दिया था। विवाद में कसरावद तहसील स्थित करीब 93 एकड़ कृषि भूमि और महेश्वर स्थित मकान शामिल था। कोर्ट के आदेश के बाद भी आरोपी पक्ष ने फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दायर कर दी।

दो करोड़ में समझौता, लेकिन कोर्ट में पेश किया 50 लाख का एग्रीमेंट
शिकायत में दावा किया गया है कि कानूनी कार्रवाई से घबराकर आरोपियों ने समझौते की पहल की। दो करोड़ रुपए में महिला से पैतृक संपत्ति के अधिकार छोड़ने की बात तय हुई। 12 अगस्त 2024 को नोटरी के सामने समझौता पत्र तैयार हुआ, जिसमें किश्तों में रकम देने की शर्त रखी गई।

लेकिन आरोप है कि बाद में वकील के जरिए कोर्ट में केवल 50 लाख रुपए का समझौता पत्र पेश किया गया और बाकी डेढ़ करोड़ रुपए नकद देने का भरोसा दिलाया गया। महिला का कहना है कि पहली किश्त का चेक भी बाउंस हो गया, जिससे पहला समझौता स्वत: निरस्त हो गया।

बयान करवाने के बाद बोले- तू अब कुछ नहीं कर सकती
पीड़िता के मुताबिक दिसंबर 2024 में फिर नया राजीनामा हुआ। इसमें दो करोड़ रुपए देने की शर्त दोबारा तय की गई। इस पूरे खेल का सूत्रधार जितेंद्र सेन उर्फ पटेल था। उसी ने हमें राजी किया और कहा कि आपके चेक और नकद रुपए तैयार है।

कोर्ट में बयान देकर चेक और पैसे ले लो। कोर्ट पहुंचने पर जितेंद्र सेन उर्फ पटेल ने कहा कि चेक और पैसे कोर्ट के बाहर कार में रखे हैं। बयान के बाद बाहर निकलते ही उन्हें दे दिए जाएंगे। सुखदा तिवारी ने हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार के सामने अपने अंतिम बयान दर्ज कराए, जिसके बाद अपील समाप्त हो गई।

बयान के बाद जब उन्होंने 65 लाख रुपए नकद और 70 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक मांगे तो आरोपी मुकर गए। शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने साफ कह दिया कि अब हाईकोर्ट में बयान हो चुके हैं, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इसी दिन आरोपी जितेंद्र सेन उर्फ पटेल ने अपने स्टेटस पर हम पर दबाव डालने के लिए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के साथ का फोटो भी डाला था।

बहन को बताए बिना फर्जी दस्तावेजों से सौदे का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट में मामला लंबित रहने के दौरान विपिन तिवारी ने जीतू उर्फ जितेंद्र सेन उर्फ पटेल और देवनारायण सेन के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और खसरा नंबर 111/1 की कृषि भूमि बेच डाली।

इसकी जानकारी तब लगी जब खरीदार पक्ष नामांतरण कराने तहसील पहुंचा। इसके बाद महिला ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई, सीएम हेल्पलाइन और पुलिस में शिकायत भी की।

दोनों तरफ धोखा
सुखदा तिवारी के देवर अरुण तिवारी ने आरोप लगाया कि भाभी की उम्र और अकेलेपन का फायदा उठाकर सुनियोजित तरीके से उनके भाई विपिन ने साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों ने सिर्फ उनके साथ ही धोखा नहीं किया, बल्कि हाई कोर्ट को भी गुमराह किया है। भाभी (सुखदा तिवारी) ने तुकोगंज थाने में शिकायत 14 दिसंबर 2024 को शिकायत कर भाई विपिन तिवारी, जितु उर्फ जितेंद्र सेन उर्फ पटेल और देवनारायण सेन के खिलाफ केस दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने जनवरी 2025 में उनके बयान लिए लेकिन, आज तक कार्रवाई नहीं की।

पुलिस का कहना था कि मामला कोर्ट में हैं हम कुछ नहीं कर सकते। इसके बाद हमने सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत की तो वहां से भी यही कहा गया। आखिरकार हमने वर्ष 2025 के अंत में पुन: हाईकोर्ट की शरण ली। मामला कोर्ट में हैं और जल्द ही फैसला आने वाला है।

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