नेता-अभिनेताओं के बाद अब अधिवक्ता हनीट्रैप के जाल में: फिरौती नहीं देने पर मिली बदनाम करने की धमकी
KHULASA FIRST
संवाददाता
क्लाइंट बनकर आई महिला, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग…
10 लाख की मांग
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश का कुख्यात हनीट्रैप कांड भले ही समय के साथ सुर्खियों से ओझल हो गया हो, लेकिन इसके साए आज भी नए-नए शिकार तलाश रहे हैं। नेता, अभिनेता और आला अफसरों को फंसाने के बाद अब इस गिरोह ने न्याय की लड़ाई लड़ने वाले एक अधिवक्ता को ही अपने जाल में फंसाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
मामला इंदौर का है, जहां एक महिला खुद को पीड़ित बताकर अधिवक्ता के पास क्लाइंट बनकर पहुंची। सहानुभूति और भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने धीरे-धीरे परिचय बढ़ाया और फिर अपने गिरोह के साथ मिलकर अधिवक्ता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि महिला और उसके साथियों ने अधिवक्ता से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी। इनकार करने पर आरोपियों ने दबाव बढ़ाते हुए धमकियां देना शुरू कर दीं। हद तब पार हो गई, जब गिरोह ने झूठे आरोपों में फंसाने की चेतावनी दी।
मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़ित अधिवक्ता ने आखिरकार बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह संगठित गिरोह की सुनियोजित साजिश हो सकती है। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि जब कानून के जानकार भी इस जाल से नहीं बच पा रहे तो आम आदमी की क्या हालत होगी?
फरियादी अधिवक्ता नवनीत शर्मा ने पुलिस को बताया 29 जनवरी को वह कालिंदी गोल्ड स्थित अपने कार्यालय पहुंचे, जहां सामने पेंटिंग कर रहे राजकुमार सेन नामक मजदूर ने बताया कि उसका पत्नी साक्षी से कई दिन से पारिवारिक विवाद चल रहा है और वह पत्नी को समझाने में मदद चाहता है।
भरोसा जीतने के लिए उसने पत्नी के कुछ अश्लील फोटो और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट भी अधिवक्ता को दिखाए। पारिवारिक विवाद की बात सुनकर मानवता के नाते अधिवक्ता ने साक्षी को फोन कर पति-पत्नी को आपस में बैठकर मामला सुलझाने की सलाह दी।
कुछ देर बाद साक्षी अपनी एक महिला मित्र के साथ अधिवक्ता शर्मा के कार्यालय पहुंची, जहां साक्षी और राजकुमार ने साथ रहने से इनकार करते हुए तलाक लेने की बात कही। इस पर अधिवक्ता ने दोनों को तलाक की कानूनी प्रक्रिया और नियमों की जानकारी दी। बातचीत के बाद सभी वहां से चले गए।
बाणगंगा थाने में मामला दर्ज
ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान फरियादी नवनीत शर्मा ने बाणगंगा थाने में साक्षी, सागर और ओमप्रकाश विश्वकर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर बीएनएस की धारा 308(3) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 लाख की मांग से हुआ खुलासा
इसी दिन रात में साक्षी ने अधिवक्ता को फोन कर कहा कि उनके पास उसके पति द्वारा दिए गए अश्लील फोटो हैंं। इसके साथ ही उसने आरोप लगाया कि तलाक के नाम पर अधिवक्ता ने 10 लाख रुपए मांगे, जो वह नहीं दे सकती।
इस दौरान ही अधिवक्ता को साक्षी की मंशा पर संदेह हो गया, क्योंकि उन्होंने केवल कोर्ट फीस और लीगल ओपिनियन की बात कही थी। अचानक कॉल किसी अन्य व्यक्ति ने ले लिया, जिसने खुद को अधिवक्ता सागर बताया।
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