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अस्पताल में सफाई के दौरान हादसा: दम घुटने से 3 मजदूरों की मौत; ठेकेदार पर केस दर्ज

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 मार्च 2026, 1:15 pm
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अस्पताल में सफाई के दौरान हादसा

खुलासा फर्स्ट, रायपुर।
टिकरापारा थाना क्षेत्र में स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में हुए दर्दनाक हादसे ने मानव सुरक्षा और सिस्टम की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई।

बिना सुरक्षा उपकरण उतारे गए मजदूर
यह घटना 17 मार्च 2026 की रात की है, जब अस्पताल परिसर में सेप्टिक टैंक की सफाई कराई जा रही थी। बताया जा रहा है कि टैंक करीब 20 फीट गहरा और बेहद संकरा था, जिसमें जहरीली गैस भरी हुई थी।

इसके बावजूद ठेकेदार ने किसी मशीन या सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल नहीं किया और मजदूरों को सीधे टैंक में उतार दिया।

एक-एक कर बेहोश होकर गिरे मजदूर
सफाई के दौरान तीनों मजदूर- अनमोल मचकन (25), प्रशांत कुमार (32) और गोविंद सेंद्रे (35)- एक-एक कर टैंक में उतरे और जहरीली गैस के कारण बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

ठेकेदार पर केस दर्ज, जांच जारी
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हादसा पूरी तरह लापरवाही का नतीजा है। टिकरापारा थाना पुलिस ने आरोपी ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और ‘हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013’ के तहत मामला दर्ज किया है।

मर्ग जांच के बाद हुआ खुलासा
घटना के बाद पहले मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा और गवाहों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मजदूरों को बिना सुरक्षा इंतजाम के टैंक में उतारा गया था। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

नियमों की हो रही अनदेखी
इस हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर नियमों की अनदेखी हो रही है। मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसे प्रतिबंधित कार्य आज भी जारी हैं और जिम्मेदार लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के टैंक की सफाई हमेशा मशीनों और सेफ्टी गियर के साथ ही की जानी चाहिए।

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