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महिला को घसीटकर लात-घूंसों से पीटा: बेटे को चाकू मारा; पति और देवर ने बीच सड़क मारे लात-घूंसे, महिलाओं ने भी जड़े थप्पड़

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 मई 2026, 4:07 pm
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महिला को घसीटकर लात-घूंसों से पीटा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
खजराना थाना क्षेत्र में क्रूर पति ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी को बेरहमी से घसीटकर पीटा। इतना ही नहीं चाचा ने भतीजे को चाकू भी मारा। घायल महिला बेटे को लेकर केस दर्ज कराने थाने पहुंची तो पुलिस ने क्रास केस दर्ज कर चाकूबाजी में घायल को जेल भिजवा दिया, जबकि असल हमलावर पति और देवर अब तक फरार है। खास बात यह कि महिला की पिटाई का पूरा घटनाक्रम पड़ोसी के यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।

मामला खजराना स्थित हबीब कॉलोनी (झलारिया रोड) का है। यहां फर्नीचर का काम करने वाला जाहिद अली, पत्नी शाईन बी, बेटे साजिद अली (24) और बहू नाजिया बी के साथ रहता है।

वहीं, जाहिद की बेटी नाहिद अपनी नानी के साथ अलग रहती है। नाहिद के अनुसार पिता मां शाईन से आए दिन विवाद करते रहते हैं। वह मां को साथ नहीं रखना चाहते।

कुछ समय पहले पिता की हरकतों से परेशान होकर मां ने खजराना थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने अदम चेक काटा था। पुलिस ने पिता को थाने पर भी बुलाया था। इसी बात को लेकर पिता मेरी मां से 13 हजार रुपए मांग रहे थे।

पिछले दिनों पिता जाहिद ने मां को सीढिय़ों से धक्का दे दिया था। इसके चलते उनका दाहिनां हाथ फ्रैक्चर हो गया, जिस पर प्लास्टर चढ़ा है। दोनों में तनातनी और बढ़ गई थी।

इस बीच परसों भाई साजिद, अपनी छह माह की गर्भवती पत्नी नाजिया को सोनोग्राफी के लिए ले जा जा रहा था। मेरे पिता ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।

पिता के बुलावे पर पास में रहने वाले चाचा मो. अली आए और उन्होंने मेरे भाई साजिद से मारपीट करते हुए उसे पुट्टे पर चाकू मार दिया और भागकर अपने घर चले गए। इसके बाद मेरे पिता मेरी मां से झगड़ा करने लगे। एक बार फिर चाचा मो. अली को फोन कर बुलाया।

आते ही चाचा ने मेरी मां को कमरे से पकड़कर बाहर खींचा और सड़क पर धक्का दे दिया। इसके बाद उन्हें लात-घूंसों से पीटा। मेरे पिता जाहिद ने भी मां को लात-घूंसे मारे। हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद भी दोनों को उन पर तरस नहीं आया।

इतना ही नहीं मेरी चाची शबीना, उनकी बेटी अनम और दादी जमीला ने भी मेरी मां को मारा। मेरी मां ने जैसे-तैसे खुद को संभाला और मौके से भागकर अपनी जान बचाई। बाद में भाई साजिद को लेकर थाने पहुंची।

भाई को पुलिस ने मेडिकल के लिए एमवाय अस्पताल भिजवा दिया, जहां उसे छह टांके आए। शुरुआत में पुलिस ने रिपोर्ट लिखने में टालमटोल की।

चूंकि पूरा घटनाक्रम पड़ोसी के यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इसके बाद पुलिस ने दबाव में आकर केस तो दर्ज किया, लेकिन क्रॉस केस दर्ज किया। हमारी ओर से चाकू लगने से भाई के घायल होने के बाद भी पुलिस ने मामूली धाराएं लगाई, और तो और मेरे भाई पर 151 लगाकर उसे जेल भिजवा दिया।

वहीं, दूसरी और केस दर्ज होने के बाद से ही मेरे चाचा और पिता फरार है। चाचा के घर की महिलाएं भी गायब है। मैं चाचा मो. अली और पिता को गिरफ्तार कराने के लिए मकान बताने पुलिसकर्मियों को लेकर मां के घर पहुंची तो वहां बुआ नजमा मिल गई।

उन्होंने मुझे पुलिसकर्मियों के सामने ही भला-बुरा कहा और गंदे आरोप लगाए। वहीं, सूत्रों से पता चला है कि स्क्रेप का काम करने वाला मो. अली नशे का काम करने वाले लोगों से जुड़ा है।

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