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समसिटी कॉलोनी के नाम पर करोड़ों की ठगी का जाल: कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच दे वसूले रुपए; फर्जी चेक देकर दबाए जा रहे मामले

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 मई 2026, 3:34 pm
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समसिटी कॉलोनी के नाम पर करोड़ों की ठगी का जाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देवास नाका क्षेत्र में समसिटी कॉलोनी के नाम पर प्लॉट बेचने का सपना दिखाकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले कथित रियल एस्टेट नेटवर्क का मामला गहरा रहा है।

विजय नगर पुलिस ने कंपनी संचालक अखिलेश यादव व उसकी सहयोगी रिया पटेल उर्फ भगवती किराडे के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शुरुआती जांच में कई और लोगों से इसी तरह रकम वसूलने की बात सामने आई है।

आरोपी लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफेे का लालच देते थे। उन्हें बताया जाता था कि देवास नाका क्षेत्र में आधुनिक टाउनशिप विकसित हो रही है, जहां प्लॉट की कीमतें कई गुना बढ़ जाएंगी। इसी भरोसे में लोग प्लॉट बुकिंग के नाम पर लाखों रुपए जमा कर देते थे।

ममता मिश्रा निवासी बजरंग नगर कांकड़ ने बताया कि उनकी पहचान प्रॉपर्टी ब्रोकर इंद्रपाल के जरिए अखिलेश यादव से हुई थी। वह खुद को रिलिया एग्रो इन्फ्रा प्रालि का डायरेक्टर बताता था व कंपनी का ऑफिस विजय नगर अपोलो प्रीमियम बिल्डिंग में संचालित होना बताया था।

रिया पटेल ग्राहकों से संपर्क व भुगतान की प्रक्रिया संभालती थी। 13 अक्टूबर 2024 को आरोपियों ने महिला को 12×35 का प्लॉट दिखाया। प्लॉट की कीमत 10 लाख 50 हजार रुपए तय हुई।

महिला ने अलग-अलग किस्तों में करीब तीन लाख 70 हजार रुपए जमा कर दिए, लेकिन बाद में जब उन्होंने जमीन और दस्तावेजों की जानकारी जुटाई तो पता चला कि मौके पर न तो कोई कॉलोनी विकसित हुई और न ही किसी प्रकार की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई है।

नहीं हुआ कॉलोनी का डेवलपमेंट
पीड़िता ने बताया कि वहां सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का कोई विकास नहीं हुआ। किसी खरीदार की रजिस्ट्री तक नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कई अन्य लोगों से भी प्लॉट दिलाने के नाम पर रकम ली गई है।

रुचिता पटेल नाम की एक अन्य महिला भी खुद को पीड़ित बता चुकी है। सूत्रों के मुताबिक मामले में कई फरियादी आज भी थाने और अदालत के चक्कर काट रहे हैं।

आरोप है कि जब कोई पीड़ित पुलिस तक पहुंचता है तो समझौते और सेटिंग के नाम पर उसे फर्जी चेक थमा दिए जाते हैं। बाद में चेक बाउंस होने पर फरियादी कानूनी कार्रवाई और कोर्ट के चक्कर में उलझ जाते हैं, जबकि आरोपी लंबे समय तक कार्रवाई से बचते रहते हैं।

विजय नगर पुलिस का कहना है कि मामले में आर्थिक अपराध और अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने कितने लोगों से प्लॉट बुकिंग के नाम पर रकम वसूली है।

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