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चर्चित हत्याकांड में अहम मोड़: इस आरोपी की जमानत की याचिका खारिज; पति की हत्या की आरोपी पत्नी अब कहां है, किस बात की अर्जी करेगी दाखिल

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 मई 2026, 11:06 am
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चर्चित हत्याकांड में अहम मोड़

खुलासा फर्स्ट, इंदौर/शिलांग।
चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में शुक्रवार को अहम मोड़ आया, जब शिलॉन्ग की सत्र अदालत ने आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं, मुख्य आरोपी सोनम को मिली जमानत को आधार बनाते हुए अन्य आरोपी विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी अदालत में जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद मामले में कानूनी हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई की संभावना जताई जा रही है।

तकनीकी आधार पर खारिज हुई राज की जमानत
राज कुशवाहा की ओर से दायर जमानत याचिका को अदालत ने तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया। कोर्ट ने पाया कि याचिका में न तो पहले दायर जमानत आवेदन का उल्लेख किया गया था और न ही आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की पूरी जानकारी प्रस्तुत की गई थी। अदालत ने इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए आवेदन खारिज कर दिया।

खारिजी मामले के मेरिट पर आधारित नहीं
राज के अधिवक्ता फुयोसा योबिन ने बताया कि यह खारिजी मामले के मेरिट पर आधारित नहीं है, बल्कि प्रक्रिया संबंधी कमियों के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि अब सोमवार को सभी आवश्यक तथ्यों के साथ नई जमानत याचिका दायर की जाएगी, जिसमें पूर्व आवेदन और आपराधिक रिकॉर्ड का पूरा विवरण शामिल किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला
अदालत ने अपने आदेश में मुनेश बनाम उत्तर प्रदेश मामला का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि जमानत याचिका में आरोपी के आपराधिक इतिहास का पूर्ण खुलासा करना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में कहा है कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की पूरी जानकारी देनी होगी। यदि किसी मामले में संलिप्तता रही है, तो उसका विवरण देना अनिवार्य है।

संबंधित मामलों की वर्तमान स्थिति का भी उल्लेख करना होगा। किसी भी प्रकार की जानकारी छुपाने या गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर जमानत याचिका तत्काल खारिज की जा सकती है। अदालत ने कहा कि यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और जमानत प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू की गई है।

अन्य आरोपियों ने भी बढ़ाए कदम
सोनम को मिली जमानत के बाद जेल में बंद अन्य आरोपियों विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी अदालत का रुख किया है। इन सभी ने जमानत के लिए आवेदन दायर कर दिया है। हालांकि, राज की याचिका खारिज होने के बाद इन आरोपियों की राह आसान नहीं मानी जा रही है, क्योंकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है।

सोनम होटल में ठहरी, बाहर जाने की तैयारी
मुख्य आरोपी सोनम को सत्र न्यायालय से जमानत मिलने के बाद मंगलवार रात जेल से रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद वह फिलहाल शिलॉन्ग के एक होटल में ठहरी हुई है।सूत्रों के अनुसार, सोनम सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शिलॉन्ग से बाहर जाने की अनुमति के लिए जल्द ही अदालत में नई अर्जी दाखिल कर सकती है। इस पर कोर्ट का निर्णय आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस देगी जमानत को चुनौती
शिलांग पुलिस ने संकेत दिए हैं कि वह सोनम की जमानत को मेघालय हाई कोर्ट में चुनौती देगी। पुलिस का दावा है कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से मामले के गवाहों पर प्रभाव पड़ सकता है। शिलॉन्ग के एसपी विवेक सियेम ने कहा कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में जारी है और जरूरत पड़ने पर सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

SIT जांच पर पहले ही उठ चुके हैं सवाल
गौरतलब है कि इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) पिछले लगभग 10 महीनों से कर रहा है। इससे पहले सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत देते समय जांच में कई खामियों की ओर इशारा किया था। कोर्ट ने पाया था कि गिरफ्तारी के समय सही धाराएं नहीं लगाई गईं। आरोपी को उसके खिलाफ आरोपों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान अब तक दर्ज नहीं किए गए। अदालत ने इन कमियों को आरोपी के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना था, जिसके आधार पर सोनम को राहत दी गई।

परिवार दूर, वकील संभाल रहे जिम्मेदारी
राज की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार इंदौर से उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव चला गया है। वर्तमान में कोई भी परिजन उससे मिलने शिलांग नहीं पहुंच रहा है। कोर्ट से संबंधित सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी फिलहाल वकीलों पर ही है, जो जेल जाकर औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं।

मामला एक बार फिर कानूनी मोड़ पर
राज की जमानत खारिज होने और अन्य आरोपियों द्वारा अर्जी दायर किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर कानूनी मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। जहां एक ओर बचाव पक्ष नई रणनीति के साथ अदालत का रुख करने की तैयारी में है, वहीं पुलिस सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय जाने की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में अदालत के फैसले इस हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय करेंगे।

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