राजवाड़ा के आंगन में उतरा सतरंगी सैलाब: भगवान श्रीकृष्ण के मोरपंख से उड़ा गुलाल; बाबा महाकाल ने दिए दर्शन
KHULASA FIRST
संवाददाता

10000 किलो टेसू के फूलों से तैयार गुलाल और ढाई हजार किलो फूलों की वर्षा
मिसाइलों से उड़े कलर और गुलाल से जनता हुई सराबोर
राधाकृष्ण रास में बड़ी संख्या में मातृशक्ति हुई सम्मिलित...
राजवाड़ा जनता चौक पर खेली बरसाना की लट्ठमार होली...
21 डंपरों से 100 टन कचरा उठाया
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की सड़कों पर कल जमीन से आसमान तक रंग ही रंगे बिखरे थे। पश्चिम क्षेत्र की तंग गलियों से लेकर राजवाड़ा के विशाल प्रांगण तक, जहां तक नजर गई, केवल सतरंगी गुबार और हुंकार भरते हुरियारों का रेला नजर आया। बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से गेर में जनसहभागिता बढ़ी है उसने इस आयोजन को भव्यतम स्वरूप दे दिया है।
सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर के कोने-कोने से टोलियां राजवाड़ा की ओर बढ़ने लगी थीं। सुबह दस बजे जब गेर का सिलसिला शुरू हुआ तो समूचा शहर जैसे एक ही लय में थिरकने लगा। संगम कॉर्नर, टोरी कॉर्नर, रसिया कॉर्नर और मोरल क्लब की गेर ने आई तो रंगों की मिसाइल से खूब रंग बरसे।
ऊंची-ऊंची इमारतों से भी ऊंचे उठते सूखे गुलाल के गुबार और प्रेशर पाइप से छूटती रंगों की धार ने हर किसी को सराबोर कर दिया। इन गेरों के पीछे चलते हजारों हुरियारे ढोल-ताशों की थाप पर झूम रहे थे। बीच हिंदरक्षक संगठन की राधाकृष्ण फाग यात्रा ने माहौल को भक्ति और उल्लास से भर दिया।
शीतलामाता बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा खजूरी बाजार होते हुए जब राजवाड़ा पहुंची तो फूलों और रंगों की वर्षा के बीच राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी आकर्षण का केंद्र रही। स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह गौड़ द्वारा करीब 29 बरस पूर्व रोपा गया यह परंपरा का पौधा आज उनके पुत्र एकलव्य गौड़ के नेतृत्व में एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।
कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर उतरे सड़कों पर...प्रशासनिक स्तर पर इस बार व्यवस्थाएं चाक-चौबंद थीं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे थे। राजवाड़ा पर बने अस्थायी कंट्रोल रूम से सुरक्षा और व्यवस्था की पल-पल की निगरानी की जा रही थी।
जहां पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा घेरा इतना मजबूत रखा था कि ड्रोन कैमरों की नजर हर गतिविधि पर टिकी थी। दोपहर होते-होते राजवाड़ा क्षेत्र गेर और फाग यात्राओं का महासंगम स्थल बन गया।
मिसाइलों और टैंकरों से की जा रही रंगों की अनवरत बौछार के बीच चारों ओर रंगों के गुबार के अलावा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जहां तक नजर जाए रंगों की मस्ती में झूमते, नाचते लोग ही दिखाई दे रहे थे। यहां न कोई छोटा था न बड़ा, न कोई अमीर था न गरीब, सभी बस रंगों में सराबोर होकर रंगपंचमी के उल्लास का आनंद ले रहे थे।
शहर की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखते हुए हर साल की तरह इस वर्ष भी संगम कॉर्नर संस्था सृजन की सामाजिक समरसता रंगारंग गेर कल निकली। गेर में स्वच्छता का संदेश भी दिया गया। इसमें डेढ़ किमी लंबा कारवां चल रहा था। संस्था सृजन अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, महेश दलोद्रा, संयोजक गोविंद गोयल पूर्व पार्षद तनुजा खंडेलवाल ने बताया कि संस्था सृजन द्वारा निकाली जा रही संगम कॉर्नर चल समारोह समिति की परंपरागत समरसता गेर का यह 76वां वर्ष था। इस बार गेर का प्रमुख आकर्षण बरसाना की टीम की लट्ठमार होली रही, वहीं भगवान राधाकृष्ण की जोड़ी रासरंग करती रही, वहीं बांके बिहारी का ढोल आकर्षण का केंद्र रहा।
खंडेलवाल ने बताया कि देशभक्ति और सद्भावना से ओत-प्रोत युवाओं की टोली देशभक्ति के तरानों पर भांगड़ा करती चल रही थी। वहीं इस बार भगवान श्रीकृष्ण के मोरपंख से निकले गुलाल ने जनता का मन मोह लिया। दूसरी तरफ भगवान महाकाल से जनता ने खूब गुलाल की होली खेलती चल रही थी।
खंडेलवाल ने बताया कि गेर में जहां एक तरफ डीजे की धुन पर युवा वर्ग देशभक्ति के तरानों पर नाचते हुए चल रहे थे,वहीं दूसरी ओर पानी की मिसाइल द्वारा 200 फीट ऊपर तक जनता को भिगो रही थी। 10 हजार किलो टेशू से बने गुलाल द्वारा राजवाड़ा पर तिरंगा पानी और गुलाल की मिसाइलों से बनाया गया।
पृथ्वी मिसाइल द्वारा जनता का घरों तक सुगंधित गुलाल से स्वागत किया गया। वहीं दूसरी ओर अग्नि मिसाइल से जनता पर गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत किया किया गया। वहीं बरसाना से आई टीम ने लट्ठ मार होली का मंचन किया। युवाओं की टोली रनगाड़ों, ट्रैक्टर, मेटाडोर और डंपर पर जनता को भिगोते हुए चल रहे थे।
आयोजकों का किया स्वागत... खंडेलवाल ने बताया कि परंपरागत गैर को निकालने की शुरुआत से आज तक सभी पुराने आयोजकों का गेर प्रारंभ होने के पूर्व मालवा की पगड़ी पहनाकर स्वागत कर गेर की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर संत समाज ने जनता को होली की शुभकामनाएं दीं। गेर को संचालित करने के लिए 25 समितियों के माध्यम से 500 कार्यकर्ताओं को जवाबदारी सौंपी गई थी, जो जनता को गंदगी न फेंकने और त्योहार शालीनता से मनाने का संदेश देती चल रही थी।
देशभर की संस्कृति उतरी सड़कों पर; बाणगंगा क्षेत्र में निकली राधा-कृष्ण रासरंग फाग यात्रा, झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
देवी अहिल्या युवा मंच बाणगंगा द्वारा कुशवाह नगर राम मंदिर से निकली राधाकृष्ण रासरंग फाग यात्रा में आदिवासी, राजस्थानी एवं छत्तीसगढ़िया लोक नृत्यों की छटा देखने को मिली, वहीं चार रथों पर सवार होकर राधा-कृष्ण एवं भोले भंडारी सहित विभिन्न देवी-देवता बने श्रद्धालु भक्तों को रंगपंचमी पर सूखे रंग और गुलाल की बौछारों से शुभकामनाएं देते दिखे।
राधा-कृष्ण के रथ को हजारों महिलाएं कुशवाह नगर राम मंदिर से मरीमाता चौराहे तक खींचते हुए चलीं। यात्रा प्रभारी दिलीप मिश्रा, वीरू सेन और अनिल पिपलोदिया ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा के इंदौर संगठन प्रभारी राजेश सोलंकी, नगर उपाध्यक्ष दीपेंद्र सिंह सोलंकी, कोषाध्यक्ष सचिन बंसल, विशाल यादव सहित क्षेत्र के सभी पार्षदों की मौजूदगी में कुशवाह नगर राम मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यात्रा के काफिले में भगवान की विभिन्न लीलाओं का सजीव चित्रण करते हुए झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
देश की विभिन्न संस्कृतियों के दर्शन के लिए महाराष्ट्र की लावणी, आदिवासियों की भगोरिया नृत्य मंडली, बिहार, उप्र, राजस्थान, छग एवं गुजरात की डांडिया टीमें भी प्रस्तुतियां देते हुए चल रही थीं। बैंड-बाजे, ढोल-ताशे, हाथी-घोड़े, बग्घियों में सवार शहर के प्रमुख संत विद्वान तथा मथुरा, वृंदावन एवं गोवर्धन से आमंत्रित साधु-संतों ने भी यात्रा की शोभा बढ़ाई।
फाग यात्रा का समापन मरीमाता चौराहा पर हुआ, जहां विधायक गोलू शुक्ला, दीपेंद्र सिंह सोलंकी एवं अन्य भाजपा नेताओं ने सिद्ध विजय गणेश मंदिर पर पूजन एवं ब्रह्मलीन काकाश्री सुरेश शुक्ला की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर समूचे प्रदेश एवं शहर में सुख, शांति एवं सद्भाव के लिए प्रार्थना की।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- करीब डेढ़ सौ टिकट बेचकर निगम ने लोगों को बैठने का स्थान मुहैया कराया
नगर निगम ने रंगपंचमी पर रंगारंग गेर देखने के लिए तीन बिल्डिंगों में विशेष व्यवस्था की। इसके चलते करीब डेढ़ सौ टिकट बेचे। वहीं गेर निकलने के बाद सफाई का परचम फहराते हुए चालीस मिनट से भी कम समय में सौ टन कचरा साफ किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि नगर निगम ने स्वच्छता में अपना परचम फहराते हुए रिकॉर्ड बनाया है।
गेर निकलने के बाद निगम के करीब पांच सौ कर्मचारियों और तीस सफाई मशीनों के साथ चालीस मिनट से भी कम समय में राजवाड़ा क्षेत्र साफ कर दिया। सफाई के दौरान 21 डंपरों से करीब 100 टन कचरा उठाया गया।
महापौर ने बताया कि रंगपंचमी पर सुरक्षित व सहज तरीके से गेर देखने वालों के लिए विशेष इंतजाम किए गए। इसके चलते निगम ने बुक माय शो के माध्यम से करीब डेढ़ सौ टिकट बेचकर लोगों को सुविधा मुहैया कराई, वहीं निगम की आय हुई। बताया जाता है कि राजवाड़ा व उसके आसपास निगम की गेर भी निकाली गई।
150 टिकट की व्यवस्था की... महापौर ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रंगारंग गेर को देखने वालों के लिए नगर निगम द्वारा कुल 150 टिकटों की व्यवस्था की गई, जिसके माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से रंगपंचमी गेर का आनंद लेने का अवसर मिला। इन भवनों पर दर्शकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था के साथ छायादार टेंट भी लगाए गए, ताकि कार्यक्रम के दौरान लोगों को धूप से राहत मिले और वे आरामदायक वातावरण में कार्यक्रम का आनंद ले सकें।
स्क्रैप से बनाया हाथी... रंगपंचमी पर निगम ने अपनी गेर निकाली। निगम द्वारा परंपरागत रूप से निकलने वाली गेर में टायर और ट्यूब तथा लोहे के टुकड़ों से हाथी बनाया गया, जो दोनों और घूमते हुए लगभग 100 फीट दूर तक कलर फेंक रहा था। इसी तरह से मिसाइल भी स्क्रेप से बनाई गई, जो 150 फीट तक कलर फेंकते हुए निकली।
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