ईदगाह से भाईचारे का संदेश: शहर काजी ने गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की उठाई मांग
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली। सदर बाजार स्थित ईदगाह में ईद की नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देते हुए गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग का समर्थन किया। उनकी अपील पर ईदगाह में मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर सहमति जताई।
शहर काजी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू धर्म में गाय का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। उन्होंने कहा कि समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करने तथा आपसी भाईचारा मजबूत करने के लिए सभी समुदायों को मिलकर गाय के सम्मान का संदेश देना चाहिए। उनके इस वक्तव्य का नमाजियों ने जोरदार समर्थन किया।
ईद के मौके पर यहां वर्षों पुरानी हिंदू-मुस्लिम एकता की परंपरा भी निभाई गई। करीब 50 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत शहर काजी को उनके निवास से ईदगाह तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी एक हिंदू परिवार निभाता है। इस बार भी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने शहर काजी का फूलमालाओं से स्वागत किया तथा विशेष रूप से सजाई गई बग्घी और कार से उन्हें ईदगाह पहुंचाया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद रही। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शांतिपूर्ण माहौल में ईद की नमाज अदा की गई और लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
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