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व्यक्तित्व और कृतित्व से बनता है अच्छा कार्यकर्ता, नरेंद्र सिंह तोमर: गोविंद मालू की स्मृति में वैचारिक गोष्ठी; अतिथि वक्ताओं ने व्यक्त किए विचार

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 मई 2026, 5:21 pm
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व्यक्तित्व और कृतित्व से बनता है अच्छा कार्यकर्ता, नरेंद्र सिंह तोमर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय गोविंद मालू की स्मृति में आयोजित वैचारिक गोष्ठी में राजनीति में कार्यकर्ता निर्माण, वैचारिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक मूल्यों पर गहन चर्चा हुई।

इंदौर प्रेस क्लब एवं संस्था आनंद गोष्ठी के संयुक्त तत्वावधान में जाल सभागृह में आयोजित ‘राजनीतिक कार्यकर्ता का निर्माण-एक कठिन कार्य’ विषयक कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर तोमर ने कहा कि राजनीति में सेवाभावी और समर्पित कार्यकर्ता बनना अत्यंत कठिन है। इसके लिए परिश्रम, धैर्य और विचारों की स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्यकर्ता अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से पहचाना जाता है।

स्वर्गीय गोविंद मालू का जीवन इसी का उदाहरण था। वे कर्मनिष्ठ, जमीनी और संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का राजनीतिक रूप से बड़ा बनना तभी संभव है, जब उसमें लक्ष्य के प्रति समर्पण और वैचारिक स्पष्टता हो।

उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यकर्ता का निर्माण किसी वैज्ञानिक उपलब्धि से भी कठिन कार्य है, क्योंकि इसमें वर्षों की तपस्या और अनेक लोगों का योगदान शामिल होता है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यपद्धति का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ वर्षों से निस्वार्थ भाव से व्यक्ति निर्माण का कार्य कर रहा है।

उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे और अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन प्रसंगों के माध्यम से कार्यकर्ता निर्माण की बारीकियों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मैंदोला, वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णमुरारी मोघे, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, केके मिश्रा, हरिनारायण यादव, ललित पोरवाल, सूरज कैरो, टीनू जैन, सुरेश तिवारी, रामेश्वर गुप्ता, माला सिंह ठाकुर, सतीश जोशी, रमण रावल, प्रमोद दीक्षित, मनीष मक्खर, श्याम कामले, विजय भट्ट, लक्ष्मीकांत पंडित, राजेश राठौर, संजय लुणावत, तपेन्द्र सुगंधी, राजीव उपाध्याय, अलका सैनी, वैशाली पारे, ललित उपमन्यु, डॉ. अर्पण जैन, प्रवीण जोशी, अजय सारडा, रितेश ईनाणी, ओम नरेडा, रामेश्वर गुप्ता,माला सिंह ठाकुर,रवि विजयवर्गीय, शैलेष पाठक, विनोद खंडेलवाल, महेंद्र सोनगिरा, पीयूष पारे, हेमंत उपाध्याय, गीता मूंदड़ा के साथ ही भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र सिंह, राजेश चतुर्वेदी, राकेश अग्निहोत्री, नितेंद्र शर्मा और प्रभु पटेरिया सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी, सामाजिक, साहित्यिक और राजनीतिक क्षेत्र के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं की कमी
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि वर्तमान राजनीति में संख्या बल और सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है, लेकिन वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं की कमी महसूस की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सच्चा कार्यकर्ता तैयार करना किसी वृक्ष को सींचने जैसा है। उसके सुख-दुख में लगातार साथ खड़ा रहना पड़ता है। यादव ने कहा कि पहले राजनीति विचारधारा आधारित होती थी, लेकिन अब सोशल मीडिया के प्रभाव से राजनीति में गुणवत्ता की जगह भीड़ बढ़ती जा रही है।

उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत संबंधों में मधुरता लोकतंत्र की खूबसूरती है। उन्होंने गोविंद मालू के साथ अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग दलों में होने के बावजूद दोनों के संबंध सदैव सौहार्द्रपूर्ण रहे।

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