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ईडन गार्डन्स में हिसाब बराबर करने का सुनहरा अवसर: क्या सूर्या की सेना मिटा पाएगी दस साल पुराना कैरेबियाई दंश

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 फ़रवरी 2026, 11:53 am
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ईडन गार्डन्स में हिसाब बराबर करने का सुनहरा अवसर

खुलासा फर्स्ट, हेमंत उपाध्याय।
क्रिकेट की दुनिया में कुछ तारीखें मात्र कैलेंडर का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि वे इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने के लिए आती हैं। कल यानी 1 मार्च रविवार की वह शाम ऐसी ही एक ऐतिहासिक गवाह बनेगी, जब हुगली नदी के किनारे बसे ईडन गार्डन्स के दूधिया रोशनी में नहाए विशाल मैदान पर भारत और वेस्टइंडीज की टीम ऐसे महत्वपूर्ण मुकाबले में आमने-सामने होंगी जिसका नतीजा न केवल क्रिकेट इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा, बल्कि दोनों टीमों के टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के सुपर- 8 मुकाबले में अब तक के सफर की अंतिम इबारत भी लिखेगा।

अब करो या मरो यानी क्वार्टर फाइनल युद्ध बन गया मुकाबला
दो महान क्रिकेट संस्कृतियों का गौरव अब इस आयोजन का ' क्वार्टर फाइनल' बन गया है। 'करो या मरो' के इस युद्ध में विजयी टीम सेमीफाइनल में कदम रखेगी, जबकि पराजय का मुंह देखने वाली टीम के लिए यह ताबूत में अंतिम कील के समान होगा। भारतीय प्रशंसक इस बार पूरी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सूर्यकुमार यादव के लड़ाके 2016 के टी-20 विश्व कप में मिली हार के जख्म को इस बार न केवल भर देंगे, बल्कि वेस्टइंडीज को बोरिया-बिस्तर बांधने के लिए भी मजबूर कर देंगे।

दो नो बॉल और सेमीफाइनल में 7 विकेट से हार गई थी भारतीय टीम
आपको याद होगा मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 31 मार्च 2016 को खेला गया वह सेमीफाइनल मुकाबला जिसमें वेस्टइंडीज ने 7 विकेट के बड़े अंतर से भारतीय टीम पर जीत हासिल की थी। 'दो नो-बॉल्स' के लिए चर्चित और अविस्मरणीय इस मैच में  वेस्टइंडीज के बल्लेबाज लेंडल सिमंस ने नाबाद 82 रनों की पारी खेली थी, उन्हें तब दो बार जीवनदान की संजीवनी मिली थी और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया था। आर. अश्विन और हार्दिक पांड्या की गेंद पर वे कैच आउट हुए, लेकिन दोनों गेंदबाजों का पैर क्रीज से बाहर हो गया और गेंद नो बॉल हो गई।

 सिमंस के बाद आंद्र रसेल ने केवल 20 गेंदों पर 43 रन ठोंक दिए (3 चौके, 4 छक्के) और भारतीय टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था। इससे पहले विराट कोहली के 47 गेंदों पर नाबाद 89 रन (11 चौके, 1 छक्का) की मदद से भारतीय टीम ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 192 रन बनाए थे और वेस्टइंडीज ने दो गेंद बाकी रहते तीन विकेट खोकर 196 रन बनाकर मैच जीत लिया था। जब सूर्यकुमार यादव और शाई होप मैदान में उतरेंगे तो निश्चित रूप से इतिहास उनके जेहन में होगा।


30 में से 19 मुकाबलों में वेस्टइंडीज पर जीत
टी-20 मुकाबलों की बात करें तो भारतीय टीम ने 30 में से 19 मुकाबलों में वेस्टइंडीज पर जीत हासिल की है। विश्व कप में वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ 4 में से 3 मुकाबले जीते हैं। भारत को इकलौती जीत 2014 में ही नसीब हुई थी। भारतीय क्रिकेट प्रेमी इस बात पर राहत की सांस ले सकते हैं कि ईडन गार्डन्स में भारतीय टीम का वेस्टइंडीज के खिलाफ शतप्रतिशत रिकॉर्ड है।


अहम अवसरों पर नामी टीमों का खेल बिगाड़ने में कोई कसर बाकी नहीं रखी
क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि वेस्टइंडीज टीम के खेल चरित्र का अंदाज नहीं लगाया जा सकता, हम इतिहास के पन्ने पलटें तो पाएंगे कि इस टीम ने अक्सर अहम अवसरों पर नामी टीमों का खेल बिगाड़ने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। अब तकनीक और ताकत के मुकाबले में किसका पलड़ा भारी रहता है यह समय ही बताएगा।

दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले से पहले नेट रन रेट और अलग- अलग तरह के समीकरण बन रहे थे, लेकिन अफ्रीकी टीम ने जब वेस्टइंडीज को 9 विकेट से धोया और बाद में भारत ने जिम्बाब्वे की 72 रनों से बुरी गत बना दी तो इस मैच ने क्वार्टर फाइनल की शक्ल ले ली। भारत और वेस्टइंडीज के पास सुपर- 8 चरण में एक जीत और एक हार है। क्रिकेट समीक्षक इस बात पर एकमत हैं कि अब ऐतहासिक ईडन गार्डन्स पर या तो सांसें थाम देने वाला मुकाबला होगा या एकतरफा जीत की इबारत लिखी जाएगी।

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव मुकाबले को आसान नहीं मान रहे
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का कहना है कि जिम्बाब्वे टीम के खिलाफ मिली जीत ने हमें वह मोमेंटम दिया है जिसकी हमें तलाश थी। दक्षिण अफ्रीका से मिली हार हमारे लिए एक 'वेक-अप कॉल' की तरह थी, जिसने हमें अपनी कमियों पर काम करने का मौका दिया। हम जानते हैं कि वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेलना कभी आसान नहीं होता, लेकिन हमारे पास ईशान किशन और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी स्थिति में मैच का रुख पलट सकते हैं। मेरे लिए निजी तौर पर आंकड़े मायने नहीं रखते, मायने यह रखता है कि मैं टीम की जीत में कितना योगदान दे पाता हूँ। 1 मार्च को हमारा लक्ष्य सिर्फ जीत है। हम 2016 के इतिहास को पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।"

वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप वापसी की राह देख रहे
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछला मैच हमारे लिए निराशाजनक रहा, लेकिन टी- 20 क्रिकेट इसी का नाम है। यहाँ एक दिन आपके पक्ष में नहीं होता, तो अगला दिन आपको वापसी का मौका देता है। भारत एक विश्वस्तरीय टीम है और उनके पास बेहतरीन मैच-विनर हैं, लेकिन हमारी टीम में भी वह 'फायरपावर' है जो दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को दबाव में ला सकती है। हमारे लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं है। ईडन गार्डन्स की पिच और माहौल हमेशा शानदार रहता है। हमारे बल्लेबाज पूरी तरह तैयार हैं। हम अपनी पुरानी जीत के रिकॉर्ड से प्रेरणा लेंगे और पूरी ताकत झोंक देंगे ताकि सेमीफाइनल की टिकट सुनिश्चित कर सकें।

और अब जानिये दो दिग्गजों का क्या कहना है

रणनीति और संयम ही जीत की कुंजी-सुनील गावस्कर
भारत के महानतम सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को आगाह करते हुए कहा कि ईडन गार्डन्स में दबाव का स्तर अलग ही होता है। भारत को यह नहीं भूलना चाहिए कि वेस्टइंडीज के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच छीन सकते हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार से जो जख्म मिले हैं, उन्हें भरने के लिए टीम को मिडिल ओवर्स में स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान देना होगा। सूर्या और ईशान अच्छी लय में हैं, लेकिन नॉकआउट जैसे मैच में आपको एक ऐसी पारी चाहिए जो अंत तक टिकी रहे। मेरा मानना है कि अगर भारतीय स्पिनर्स ईडन की पिच पर अपनी लेंथ को नियंत्रित रखते हैं, तो भारत का पलड़ा भारी रहेगा। लेकिन याद रहे, वेस्टइंडीज के खिलाफ आप एक पल के लिए भी ढीले नहीं पड़ सकते।

निर्भीक होकर खेलो, जैसे हम खेलते थे- विवियन रिचर्ड्स
कैरेबियाई क्रिकेट के 'किंग' कहे जाने वाले सर विवियन रिचर्ड्स का कहना है कि मुझे परवाह नहीं है कि पिछले मैच में क्या हुआ। वेस्टइंडीज के पास वह प्राकृतिक प्रतिभा है जो किसी भी अन्य टीम के पास नहीं है। भारत एक मजबूत टीम है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन जब हमारे लड़के अपने रंग में होते हैं, तो वे अजेय होते हैं। शाई होप और हेटमायर को मेरी यही सलाह है। निर्भीक होकर खेलें । 2016 के उस सेमीफाइनल की यादें आज भी हमारे साथ हैं, और हम फिर से वैसा ही कर सकते हैं। ईडन गार्डन्स का शोर आपको डराना नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपनी ताकत बनाओ। अगर हम पहले 6 ओवरों में भारत पर हावी हो गए, तो मैच हमारी मुट्ठी में होगा। क्रिकेट की दुनिया में कुछ मुकाबले ऐसे होते हैं जिनका रोमांच टॉस होने से कई दिन पहले ही शुरू हो जाता है। 1 मार्च, 2026 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होने वाला भारत बनाम वेस्टइंडीज मुकाबला इसी श्रेणी का है। यह केवल सुपर-8 ग्रुप-1 का एक मैच नहीं है, बल्कि यह इस विश्व कप का सबसे बड़ा 'एलिमिनेटर' है।

बारिश होना भारतीय टीम के लिए अच्छी बात नहीं
दक्षिण अफ्रीकी टीम ने टूर्नामेंट में अपने दोनों मुकाबले जीतकर 4 अंकों के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब सेमीफाइनल की दूसरी और आखिरी बर्थ के लिए भारत और वेस्टइंडीज के बीच यह सीधी जंग होगी। मतलब सफ है कि जीतने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। हारने वाली टीम के लिए टूर्नामेंट का सफर अब समाप्त हो जाएगा। यदि दुर्भाग्य से मैच बारिश की भेंट चढ़ता है (जिसकी संभावना मौसम विभाग ने कम बताई है), तो दोनों टीमों को 1-1 अंक मिलेगा। ऐसी स्थिति में वेस्टइंडीज टीम अपने बेहतर रन रेट के कारण सेमीफाइनल में पहुँच जाएगी और भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद लड़खड़ाने के बाद अब संभल गई है।

कैरेबियाई टीम के लिए यह मुकाबला अस्तित्व की लड़ाई की तरह ही है। ग्रुप स्टेज में वेस्टइडीज टीम ने इंग्लैंड और स्कॉटलैंड को परास्त कर  अपनी दावेदारी पेश की थी। सुपर-8 की शुरुआत में भी इस टीम ने जिम्बाब्वे को 107 रनों से हराकर सबको चौंका दिया था,पर टीम की असली तस्वीर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में सामने आ ही चुकी है।

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