जेल की चारदीवारी के भीतर पनपी दोस्ती बनी अपराध की नींव: हनीट्रैप गैंग के खुलासे से हाईप्रोफाइल हलकों में दहशत; जानिये कहां तक फैले थे तार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिला जेल की चारदीवारी के भीतर पनपी एक दोस्ती ने इंदौर-भोपाल के हाईप्रोफाइल हलकों में दहशत फैला दी। शराब कारोबारी से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार हनीट्रैप गैंग की जांच में पुलिस को एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। नेता, कारोबारी और रसूखदार सभी इस गैंग के निशाने पर थे। और सबसे चिंताजनक बात यह है कि बदनामी के डर से अनेक पीड़ित अब भी सामने आने से कतरा रहे हैं।
जेल में हुई मुलाकात, वहीं बनी साजिश
पूछताछ में मास्टरमाइंड भोपाल निवासी श्वेता विजय जैन ने खुलासा किया कि 2019 के चर्चित हनीट्रैप मामले में जेल प्रवास के दौरान उसकी मुलाकात अलका दीक्षित से हुई थी। उस समय अलका शराब तस्करी के आरोप में बंद थी। जेल की उसी छत के नीचे दोनों के बीच न केवल दोस्ती पनपी, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क की नींव भी रखी गई। जमानत के बाद दोनों का संपर्क बना रहा और देखते ही देखते एक संगठित हनीट्रैप गैंग खड़ा हो गया।
"फंसाओ, वीडियो बनाओ, वसूली करो"
गैंग का तरीकावार तरीका था पहले रसूखदार लोगों की पहचान करो, फिर उन्हें जाल में फंसाकर आपत्तिजनक वीडियो और फोटो तैयार करो और बाद में रकम के लिए दबाव बनाओ। श्वेता के इशारे पर अलका लोगों को फंसाती थी। पुलिस के अनुसार यह गैंग पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और कई हाईप्रोफाइल लोगों को शिकार बना चुका है।
आरोपी लाखन चौधरी, जो पीथमपुर क्षेत्र का रहने वाला है, खुद को भाजपा पदाधिकारी बताता था और प्रॉपर्टी कारोबार की आड़ में संभावित शिकार तलाशता था। देवास निवासी जितेंद्र पुरोहित खुद को पत्रकार बताकर गैंग को पीड़ितों से वसूली के तरीके सुझाता था।
पुलिसकर्मी भी शामिल -'जीजा' बताकर लेती थी सलाह
जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा का नाम भी इस कांड में सामने आया है। अलका उसे 'जीजा' कहकर बुलाती थी। पूछताछ में विनोद ने अलका से संपर्क होने की बात स्वीकार की है। आरोप है कि अलका ने पीड़ितों के फोटो-वीडियो विनोद को भेजकर पूछा कि इनका इस्तेमाल कैसे किया जाए और विनोद ने उसे रोकने के बजाय वसूली के तरीके सुझाए।
दिल्ली के नेता भी निशाने पर, 'रेशू' की तलाश
श्वेता विजय जैन की महत्वाकांक्षा मध्यप्रदेश की सीमाओं से कहीं आगे थी। पूछताछ में उसने 'रेशू' नाम की एक महिला का जिक्र किया, जो नेताओं और रसूखदार लोगों तक आसानी से पहुंच बना लेती थी। श्वेता के अनुसार रेशू ने दीपावली के दौरान दिल्ली के एक नेता से डेढ़ करोड़ रुपए वसूले और उससे लग्जरी कार खरीदी व प्रॉपर्टी में निवेश किया। निमाड़ क्षेत्र के नेता और कांग्रेस का एक बड़ा नाम भी रेशू के संपर्क में बताया जा रहा है। पुलिस अब रेशू की सक्रिय तलाश में जुटी है।
सुपर कॉरिडोर पर कार रोककर दी धमकी
मौजूदा मामले की शुरुआत उज्जैन के एक जमीन विवाद से हुई। भुगतान नहीं मिलने पर अलका ने प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर से पहले जमीन सौदे में 50 फीसदी हिस्सेदारी की मांग की गई। इनकार पर एक युवती के जरिए उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए। इसके बाद अलका, लाखन चौधरी, जयदीप दीक्षित और जितेंद्र पुरोहित ने सुपर कॉरिडोर पर कारोबारी की कार रोककर एक करोड़ रुपए की मांग की और रकम न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
40 अधिकारियों की सात टीमें, पांच गिरफ्तार
डीसीपी (क्राइम) राजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में 40 से अधिक पुलिस अधिकारियों की सात टीमें बनाकर इंदौर और भोपाल में एक साथ छापेमारी की गई। श्वेता जैन, अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और जितेंद्र पुरोहित पांचों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने पर अदालत ने सभी को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। जांच में अलका के ड्रग्स और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े तार सामने आए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की आशंका
क्राइम ब्रांच अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया चैट और बैंक लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है। कुछ वीडियो एआई से तैयार होने की भी आशंका है। पुलिस के अनुसार श्वेता के पास 2019 के हनीट्रैप मामले से जुड़े वीडियो और कई नेताओं-अफसरों की संवेदनशील जानकारी मौजूद है। एसआईटी अधिकारियों से भी पूछताछ जारी है।
सूत्रों का कहना है कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन के कई कारोबारी और राजनीतिक हस्तियां इस गैंग के संपर्क में थीं, लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर होने के कारण शिकायत दर्ज नहीं करवा रहे। आने वाले दिनों में जब मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होगी, तो कई और बड़े नाम उजागर हो सकते हैं।
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