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एक माह में 8 लाख लोगों ने किए केदारनाथ के दर्शन

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 मई 2026, 7:07 pm
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एक माह में 8 लाख लोगों ने किए केदारनाथ के दर्शन

चारधाम यात्रा में उमड़े श्रद्धालु, 20 लाख के पार पहुंची संख्या, अब तक 86 यात्रियों की मौत, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

खुलासा फर्स्ट, केदारनाथ।
केदारनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रा शुरू होने के एक महीने के भीतर ही 8 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।

चारधामों में सबसे ज्यादा यात्री केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। हालांकि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य कारणों से अब तक 39 श्रद्धालुओं की मौत भी हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। पहले ही दिन करीब 38 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

इसके बाद से लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। 23 मई तक कुल 8 लाख 11 हजार 923 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं।

प्रशासन का कहना है कि जून महीने में स्कूलों की छुट्टियां शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या और बढ़ सकती है।

इसी को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और बदरी-केदार मंदिर समिति भीड़ नियंत्रण और व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटे हैं।

इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रियों को सुगम दर्शन कराने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिर को दिनभर में केवल 3 से 4 घंटे के लिए बंद किया जा रहा है, बाकी समय श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खुले रखे जा रहे हैं।

यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण यात्रियों की तबीयत बिगड़ रही है। अब तक विभिन्न कारणों से 39 यात्रियों की मौत हो चुकी है।

एक महीने की यात्रा अवधि में बदरी-केदार मंदिर समिति को 14 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक की आय हुई है। वहीं हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। अब तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालु हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ पहुंच चुके हैं।

आठ हेलीकॉप्टर कंपनियों ने मिलकर एक महीने में 5 हजार से ज्यादा उड़ानें संचालित की हैं। इसके अलावा यात्रा में घोड़े-खच्चरों का उपयोग भी बड़े स्तर पर किया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार इस वर्ष 7744 घोड़े-खच्चर पंजीकृत किए गए हैं, जिनसे अब तक करीब 2 करोड़ 44 लाख रुपए की आय हो चुकी है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलें।

उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।

23 मई को एक ही दिन में 1 लाख 2 हजार 864 श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए, जो इस सीजन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

अब तक कुल 20 लाख 86 हजार 341 श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं। हालांकि आस्था और उत्साह के बीच यात्रा के दौरान कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार यात्रा में 86 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। अधिकांश मामलों में तबीयत बिगड़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कारण बताया गया है।

रुद्रप्रयाग जिले में बीते दो दिनों में चार यात्रियों की मौत हुई। 23 मई को गौरीकुंड मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना में मध्य प्रदेश निवासी 35 वर्षीय बोंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नई दिल्ली निवासी 62 वर्षीय मनवर सिंह की गुप्तकाशी में तबीयत बिगड़ने से जान चली गई।

इसके अलावा महाराष्ट्र निवासी धर्मराज देसाई और बिहार निवासी के.आर. सुरेशराव की भी स्वास्थ्य खराब होने से मौत हो गई। चमोली जिले में असम निवासी एक यात्री की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई, जबकि उत्तरकाशी में राजस्थान निवासी 75 वर्षीय भरत दास ने यमुनोत्री यात्रा के दौरान दम तोड़ दिया। प्रशासन के अनुसार यात्रा के दौरान एक यात्री घायल भी हुआ है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिनों के लिए पर्वतीय जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी का भी अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने श्रद्धालुओं को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं। खासतौर पर हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

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